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आयात बंद, निर्यात चालू , तेजी की आंच में झुलस रहा गेहूं

 आयात बंद, निर्यात चालू , तेजी की आंच में झुलस रहा गेहूं

राजकुमार मल

भाटापारा- रूस और यूक्रेन के बीच जंग। ग्लोबल लेबल पर शार्ट सप्लाई और एक्सपोर्ट के ऑर्डर के बाद गेहूं में आई तेजी दीर्घकाल तक बने रहने के प्रबल आसार बनते नजर आ रहे हैं। गेहूं उत्पादक किसानों को भले ही तेजी का लाभ मिल रहा हो लेकिन पहली बार इसकी खरीदी उपभोक्ताओं को परेशानी और सांसत में डाल रही है।


चालू साल, गेहूं उपभोक्ताओं के लिए तेजी का संदेश लेकर पहुंच चुका है। देश में गेहूं उत्पादन का अनुमान, लक्ष्य के बेहद करीब है लेकिन घरेलू मांग को निर्यात के आर्डर ने जोर का झटका देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इधर रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग ने गेहूं की सप्लाई लाइन को इस कदर नुकसान पहुंचाया है कि आयात पर पूरी तरह रोक लग चुकी है। ऐसी स्थिति में घरेलू उत्पादन की कीमत हैरान और परेशान ही कर रही है।

उत्पादन और सरकारी खरीदी

देश में चालू रबी सत्र में गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 111 से 112 मिलियन मीट्रिक टन का है। बीते बरस यह 109.03 मिलियन मिट्रिक टन का था। उत्पादन और मंडियों में आवक की स्थिति को ध्यान में रखते हुए चालू सत्र में 44.04 मिलियन मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य है। यह बीते साल की तुलना में यह 02.04 फ़ीसदी ज्यादा है।

निर्यात की मात्रा

एक अप्रैल से सरकारी खरीदी का काम चालू होने के बाद, इस बरस कृषि मंत्रालय ने 67 फ़ीसदी वृद्धि के साथ 12.05 मिलियन मीट्रिक टन निर्यात का लक्ष्य रखा है। मौजूदा फसल की स्थिति को देखते हुए पहली तिमाही के लिए 03.03 मिलियन मीट्रिक टन के निर्यात सौदे हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में भी घरेलू मांग की आपूर्ति में  दिक्कतें आसार बनने लगे हैं।

आवक और कीमत



प्रदेश की बड़ी कृषि उपज मंडियों में गिनी जाने वाली भाटापारा कृषि उपज मंडी में प्रतिदिन की आवक 700 से 800 कट्टा गेहूं के बाद, भाव 1950 से 2000 रुपए क्विंटल पर मजबूती से जमे हुए हैं।

बीते साल की तुलना में 100 से 200 रुपए की यह तेजी, गेहूं उत्पादक किसानों को भले ही खुश कर रही हो लेकिन उपभोक्ता खरीदी, इस तेजी से हलकान होता नजर आ रहा है।

धारणा दीर्घकालिक तेजी के

आयात पर रोक, निर्यात के भरपूर ऑर्डर के बीच जैसी कीमत फिलहाल देखी जा रही है, इससे मंदी की संभावना से इनकार किया जा रहा है। लिहाजा अगली रबी फसल के आने तक भाव में कमी का इंतजार करना होगा क्योंकि फिलहाल तेजी, दीर्घकाल तक बने रहने की आशंका है।