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मालखरौदा BMO के हौसले बुलंद high court तक के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं

मालखरौदा BMO के हौसले बुलंद  high court तक के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं

मालखरौदा, 1 नवंबर। मिली जानकारी के अनुसार मालखरौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर संतोष पटेल का स्थानांतरण गरियाबंद  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो गया था । संतोष पटेल ने अचानक हुए स्थानांतरण के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ में याचिका लगाई । संतोष पटेल की याचिका पर विचार करते हुए माननीय हाईकोर्ट बिलासपुर में उनके स्थानांतरण को निरस्त करते हुए उस पर स्थगन आदेश लगा दिया डाक्टर पटेल ने जब स्थगन आदेश लेकर पदभार ग्रहण करने के  लिए डॉक्टर कात्यायनी सिंह बी एम ओ मालखरौदा से पदभार देने के लिए कहा तो उन्होंने साफ साफ इंकार कर दिया और उन्होंने कहा कि वह उनका  स्थगन आदेश नही स्वीकार कर सकती है और न ही पदभार ग्रहण आदेश स्वीकार नहीं कर सकती है।  जब डाक्टर संतोष पटेल ने यह कहा कि उनके स्थगन आदेश को कम से कम आवक जावक में चढ़ा दे, तो उन्होंने इससे साफ इंकार करते हुए कह दिया कि उन्हें जिला मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी एसआर बंजारे के द्वारा उनका स्थगन आदेश लेने के लिए मना किया गया है जबकि खुद मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी एस आर बंजारे ने माननीय हाई कोर्ट द्वारा लगाए गए स्थगन आदेश को स्वीकार करते हुए उन्हें मालखरौदा मे पदभार करने के लिए कहा है । 

माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना 

मालखरौदा बीएमओ डॉक्टर कात्यायनी सिंह ने डॉक्टर संतोष पटेल को नियुक्ति देने से साफ इनकार कर दिया ।आश्चर्य है कि माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ के स्थगन आदेश की अवहेलना  एक डॉक्टर के द्वारा की जा रहे हैं और उनके द्वारा अपने पद की गरिमा का ध्यान भी नहीं रखा जा रहा है।  डाक्टर कात्यायनी सिंह केवल एक डॉक्टर ही नहीं बल्कि मालखरौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मुखिया भी हैं । माननीय हाईकोर्ट के स्थगन आदेश को स्वीकार नहीं कर उन्होने माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना कर रही है और उनपर इस प्रकरण पर अवमानना का केस भी दायर हो सकता है ।


गरियाबंद में भी नियुक्ति देने से इंकार 

 डॉक्टर संतोष पटेल को गरियाबंद के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी ने भी नियुक्ति देने से इनकार कर दिया है क्योंकि उन्होंने अर्थात डॉक्टर संतोष पटेल ने माननीय न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया है अतः अब उन्हें गरियाबंद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी नियुक्ति नहीं दी जा सकती दूसरी ओर मालखरौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी कात्यायनी सिंह ने नियुक्ति देने से इनकार कर दिया है और पटेल कहां जाएंगे यह विचारणीय प्रश्न है।