breaking news New

Breaking : बदइंतजामी से परेशान श्रीसीमेंट के 80 मजदूर पैदल झारखण्ड जा रहे थे, पुलिस ने रास्ते में दबोचा और वापस भेजा

Breaking : बदइंतजामी से परेशान श्रीसीमेंट के 80 मजदूर पैदल झारखण्ड जा रहे थे, पुलिस ने रास्ते में दबोचा और वापस भेजा

बलौदाबाजार. लाकडाउन के चलते श्रीसीमेंट के मजदूर देर रात्रि पैदल ही अपने राज्य झारखंड के गृहग्राम के लिए रवाना हो गये. सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने रोककर उन्हें समझाकर वापस भेजा और उनके अधिकारियों को समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
 

लाकडाउन के चलते श्रीसीमेंट में ठेकेदार के अंतर्गत कार्यरत झारखंड के मजदुर परेशान होकर पैदल ही देर रात्रि अपने घर जाने के लिए निकल पडे। सूचना पर कोतवाली पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी के एएसआई नरेन्द्र मारकण्डेय और उनकी टीम ने उन्हें समझाबुझाकर वापस कंपनी भेजा। साथ ही श्रीसीमेंट कंपनी के ठेकेदार के यहां से आये मजदूरों के अधिकारियों को उनकी समुचित प्रबंध की व्यवस्था करने के लिए कहा।   

सूत्र बताते हैं कि 22 मार्च के बाद यहां पर कपनी का कार्य बंद है जिससे मजदुरो को उनका भुगतान नही हो पा रहा है तथा सब्जी आदि के रेट बढ़ गये है जिससे परेशान होकर ये मजदूर दोपहर मे सुहेला गये थे पर आवागमन का साधन नही मिलने से वापस आ गये और सभी ने मिलकर निर्णय लिया कि रात्रि मे निकलेंगे. ऐसा विचारकर ये रात्रि में निकले और बलौदाबाजार के तरफ जाने लगे। सूत्र यह भी बताते हैं कि सुहेला पुलिस को इसकी फोन से सूचना भी दी जा रही थी पर फोन नहीं उठाया तब किसी ने बलौदाबाजार को सुूचना दी जिस पर पेट्रोलिंग पार्टीे ने तत्काल पहुचकर उन लोगों को रास्ते में रोककर समझाया और वापस भेजा।

वही इस मामले को पुलिस पहले तो हीलहवाला करती रही पर बाद में स्वीकार किया कि हां रात्रि में करीब 70 से 80 की संख्या में मजदुर पैदल अपने राज्य झारखंड जाने के लिए निकले थे जिन्हें समझाकर वापस भेजा गया है। प्रश्न यह उठ रहा है कि आखिर ये मजदुर क्यों जा रहे थे जब पूरे देश मे लाकडाउन है और आवागमन की सारी सुविधा बंद है. क्या वाकई जो जानकारी गोपनीय सुूत्र दे रहे हैं, वह सही है कि इनके लिए ठेकेदार के द्वारा पर्याप्त इंतजाम नही किया जा रहा है जिससे परेशान होकर ये वापस अपने घर जाने निकल पड़े थे. यह तो उच्चाधिकारियों की जांच के बाद ही पता चलेगा कि वास्तविक कारण क्या है!

मामला ध्यान में आया है, दिखवाते हैं : कलेक्टर कार्तिकेय गोयल

मजदूर लॉकडाउन से परेशान होकर अपने घर जा रहे थे जिन्हें समझाकर वापस भेजा गया है. जब उनसे पूछा गया कि कंपनी के ठेकेदार द्वारा उनके खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था नही की गयी है, ऐसी जानकारी मिल रही है तो उन्होंने कहा कि ऐसी बात अभी सामने आयी है और यदि है तो मैं दिखवाता हूं.

मजदूर परेशान होकर निकले : कंपनी का पीआरओ 
लॉकडाउन के चलते ये परेशान होकर अपने घर जाने के लिए पैदल निकल गये थे जिन्हें पुलिस के सहयोग से रोका गया है और वापस लाया गया है. खाने पीने की कोई समस्या नहीं है