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महज चुनावी औपचारिकता निभा रही कांग्रेस, भाजपा के सामने कोई चुनौती नहीं, बड़ी जीत दर्ज करेंगे – नेता प्रतिपक्ष

 महज चुनावी औपचारिकता निभा रही कांग्रेस, भाजपा के सामने कोई  चुनौती नहीं, बड़ी जीत दर्ज करेंगे – नेता प्रतिपक्ष

राजनांदगांव। नगर पालिक निगम राजनांदगांव के वार्ड क्रं. 17 में भाजपा प्रत्‍याशी  सरिता रमेश सिन्‍हा के पक्ष में लगातार जनसंपर्क जारी है। वार्ड में भाजपा के 30 साल के विजयी इतिहास को दोहराने का दावा नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने किया है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ चुनावी औपचारिकता निभा रही है। 

भाजपा तो यहां पहले ही जीत दर्ज कर चुकी है। उन्‍होंने कहा कि प्रदेश सरकार के 3 वर्ष के कार्यकाल और निगम में कांग्रेस की सत्‍ता के दो साल पूरे होने के बावजूद वे इस वार्ड के लिए कुछ नहीं कर सके। यहां एक ढेले का विकास कांग्रेस ने नहीं किया। अलबत्‍ता स्‍व.  शोभा सोनी के यहां से पार्षद होने के चलते और इसे भाजपा का गढ़ जानते हुए कांग्रेस ने इस वार्ड से हमेशा ही भेदभाव किया है।

नेता प्रतिपक्ष यदु ने क‍हा कि मौजूदा कांग्रेस प्रत्‍याशी श्रीचंद्रकला देवांगन हर बार चुनाव हारने के बाद लोगों के बीच से गायब ही रहीं। वे पहले ही भाजपा की पार्षद रहीं जमुना साहू और मौजूदा पार्षद पारस वर्मा से चुनाव हार चुकी हैं। अक्‍सर वे चुनाव के बाद वे गायब हो जाती हैं। समझना आसान है कि वार्ड को लेकर उनके काम करने का तरीका क्‍या और कैसा है। यदु ने कहा कि जब उपचुनाव की तैयारियां शुरु हुई तों कांग्रेस की प्रत्‍याशी दोबारा बरसाती मेंढक की तरह सामने आ गईं। 

यदु ने कहा कि, पार्षद के न होते हुए भी इस वार्ड के लोगों की जरुरतों के वक्‍त भाजपा ही खड़ी रही। तब न कांग्रेस की प्रत्‍याशी देवागंन सामने आईं और न ही कोई अन्‍य कांग्रेसी। सत्‍ता में होने का दमखम भर रहीं कांग्रेस की प्रत्‍याशी को अगर लोगों की इतनी ही चिंता थी तो वे क्‍यूं लोगों के लिए अपनी ही सत्‍ता में काम न करवा सकीं। कई तरह की समस्‍याओं से जुझते वार्डवासियों को कभी न ही कांग्रेस से फायदा मिला और न ही कांग्रेस प्रत्‍याशी ने चुनावी हार के बाद किसी की कोई सुध ली। 

नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने कहा कि कोविड की पहली लहर में वार्डवासियों के घरों तक स्‍व.  सोनी और भाजपाईयों ने वार्ड के जरुरतमंदों तक राशन पहुंचाया, हर तरह की मदद पहुंचाई। तब भी कांग्रेस यहां से नदारद रही। महापौर भी यहां झांकने तक नहीं आई। कोविड के पहली लहर के दौरान ही  सोनी का निधन हो गया। दूसरी लहर में जब दोबारा लॉकडाऊन लगा तो फिर एक बार जरुरतमंदों तक मदद पहुंचाने की जिम्‍मा भाजपा ने ही उठाया। महापौर हेमा देशमुख हमेशा ही अपनी जिम्‍मेदारियों से पीछे हटती रहीं हैं। उनके कार्यकाल में वार्ड नं. 17 को न ही किसी तरह की उपलब्धि मिल सकी और न ही यहां किसी तरह के विकास कार्य हो सके। 

यदु ने कहा कि महज चुनावी दौर में ढिंढोरा पीटने पहुंचे कांग्रेसियों के ढोल फटने वाले हैं। उनके पास मुद्दे हैं ही नहीं। भाजपा को यहां चिंता करने की जरुरत शुरु से नहीं रही। कांग्रेस इस वार्ड में चुनौती देने की स्थिति में ही नहीं है। साफ है कि हम एक बार फिर इस वार्ड में बड़ी जीत दर्ज कर रहे हैं।