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जंगली हाथियों के आमद से अन्नदाता अपनी फसल सुरक्षा को लेकर चिंतित

जंगली हाथियों  के आमद से अन्नदाता अपनी फसल सुरक्षा को लेकर चिंतित

धरमजयगढ़ नवापारा। धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों  के आमद से किसान अपनी फसल सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। हर दिन हाथियों की चहलकदमी से धान की फसल को क्षति पहुंच रही है। छाल रेंज के नवापारा पंचायत के आश्रित गांव गड़ा इन बहरी आदि गांवों में जँगली हाथी आए दिन धान की फसल को रौंद-खाकर नुकसान पहुंचा रहे हैं।वहीं सबंधित विभाग किसनो के मुआवजा फार्म तक भरने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं और कुछ पीड़ित किसानों का कहना है 1 एकड़ की जमीन का आधा एकड़ लिख कर ले जाते हैं।ऐसे में छाल क्षेत्र के किसानों में जमकर आक्रोश व्याप्त है।उल्लेखनीय है कि धरमजयगढ़ वनमंडल में हाथियों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है ऐसे में उक्त विभाग कोई ठोस पहल करने के बजाय महज ठेकेदारी में व्यस्त है इस मामले की पड़ताल करने जब हमारी संवाददाता इन ग्रामीण किसनो के पास पहुचीं तो किसानों ने बताया कि हाथी प्रतिदिन शाम ढलते ही किसनो की खड़ी फसल को अपना निशाना बना रहा है।जबकि हाथियों को भगाने के नाम लर कई सामग्रियां ग्रामीणों को फि जानी है किंतु हाथी से बचाव हेतु एक भी सुरक्षा का समान विभाग द्वारा नही दिया गया है वहीं इस बात की जानकारी जब विभाग के कर्मचारियों को दी जानी होती है तो अधिकारी कर्मचारी फोन उठाना तक मुनासिब नही समझते और मुआवजा फार्म भरने का भी इन कर्मचारियों के पास समय नही है।ऐसे में एक और जहां सबंधित विभाग के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश पनपना आरम्भ हो गया है वही हाथियों से हुए नुकसान को लेकर ग्रामीण भटकते देखे जा रहे हैं।

डीएफओ नही उठाते फोन

आपको बता दें कि इस मामले को लेकर जब हमारी संवाददाता ने विभाग के अधिकारी से बात करनी चाही तो डीएफओ साहब फोन तक रिसीव नही करते जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि जंगल विभाग में जंगल राज किस तरह कायम है।यहां बताना होगा कि सबंधित विभाग के अधिकारी अक्सर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की बात सुनने को लेकर अपनी वाहवाही लूटते देखे जाते हैं जबकि हकीकत कुछ और ही है।