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राजस्व विभाग भ्रष्टाचार में सबसे आगे, कर्मचारियों के खिलाफ रिश्वत, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार के मामले

राजस्व विभाग भ्रष्टाचार में सबसे आगे, कर्मचारियों के खिलाफ रिश्वत, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार के मामले

औरंगाबाद।  महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण विभागों में से एक राजस्व विभाग में वर्ष 2021 में सबसे अधिक भ्रष्टाचार के मामले सामने आए।

अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के आठ विभागीय कार्यालयों ने पूरे राज्य में राजस्व विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ 31 दिसंबर 2021 तक रिश्वत, धोखाधड़ी सहित अन्य भ्रष्टाचार संबंधी 773 मामले दर्ज किए जबकि वर्ष 2020 में 663 मामले ही दर्ज हुए थे।

एसीबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के अनुसार, मुंबई, ठाणे, पुणे, नासिक, नागपुर, अमरावती, औरंगाबाद और नांदेड के आठ रेंज कार्यालयों में कुल 773 मामले दर्ज हुये हैं। कोई 1,099 लोगों के खिलाफ दर्ज इन मामलों में 764 रिश्वत लेने संबंधी, सात गबन करने संबंधी और दो अन्य भ्रष्टाचार संबंधी मामले हैं। इनमें विभाग के उच्च पदाधिकारी सहित अन्य सरकारी कर्मचारी और निजी लोग शामिल हैं।

पूरे राज्य में रिश्वत लेने के 764 मामलों में 2,64,19,881 करोड़ रुपए की वसूली की गई जिसमें कथित तौर पर संलिप्त 1,076 व्यक्तियों को दोषी पाया गया।

एसीबी ने राज्य भर में 11 लोगों के खिलाफ 2,22,36,606 रुपये के धोखाधड़ी के 11 मामले दर्ज किए जबकि 12 आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के दो अन्य मामले दर्ज किए।

रिपोर्ट के अनुसार, भ्रष्टाचार के 764 मामलों में से सबसे ज्यादा पुणे में 168 मामले दर्ज हुए। औरंगाबाद से 130 मामले, नांदेड़ से 129 मामले, ठाणे से 89 मामले अमरावती से 73 मामले, नागपुर से 72 मामले सामने आए। वहीं मुंबई से सबसे कम 50 मामले दर्ज किए गए।

आंकड़ों के मुताबिक, एसीबी ने साल 2019 में 891 मामले, 2018 में 936 मामले, 2017 में 925 मामले, 2016 में 1,096 मामले और 2015 में 1,279 मामले दर्ज किए थे।