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नवरात्रि पर्व तथा मिलाद-उन-नबी त्यौहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने गाईडलाइन जारी

नवरात्रि पर्व तथा मिलाद-उन-नबी त्यौहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने गाईडलाइन जारी

कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन करना होगा अनिवार्य

सूरजपुर ।  नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को दृष्टिगत रखत हुए तथा आगामी माह में जिले मे कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में वृद्धि की संभावना को ध्यान में रखते सभी संबंधित उपाय अमल में लाया जाना उचित एवं आवश्यक हो गया है जिसे दृष्टिगत रखते हुए नवरात्र पर्व के सम्बन्ध में कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह द्वारा आदेश जारी किया गया है जिसमें मूर्ति की अधिकतम ऊँचाई 08 फिट होगी, परन्तु प्लास्टर ऑफ पेरिस से निर्मित मूर्ति के बिक्री एवं स्थापित किया जाना प्रतिबंधित रहेगा। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15 बाई 15 फिट से अधिक न हो तथा पंडाल के सामने कम से कम 500 वर्ग फिट की खुली जगह हो। पंडाल एवं सामने 500 वर्गफिट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। मंडप या पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने के लिए पृथक से पंडाल न हो एवं बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगाये जायेंगे।

मंदिर प्रांगण के भीतर नियत स्थान पर सभी ज्योत का प्रज्जवलन किया जायेगा। नियत स्थान पर अग्निशमन सुरक्षा के सभी उपाय किया जाना अनिवार्य होगा। ज्योत दर्शन हेतु दर्शनार्थियों व अन्य व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णत: वर्जित रहेगा। ज्योत प्रज्जवलन की जिम्मेदारी केवल मंदिर प्रबंधन समिति की होगी। किसी भी एक समय में पंडाल में 50 व्यक्ति से अधिक न हों। मूर्ति दर्शन, पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मारक के नहीं जायेगा, ऐसा पाये जाने पर संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जायेगा। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति, समिति एक रजिस्टर संधारित करेगा, जिसमें दर्शन के लिए आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाईल नंबर दर्ज किया जायेगा। ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति, समिति द्वारा सैनेटाइजर थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीमीटर, हैंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पायें जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति प्रबंधन की होगी।

व्यक्ति, समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस-बल्ली से बेरिकेडिंग कराकर कराया जायेगा। कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी, यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है, तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा की अनुमति नहीं होगी। डी.जे. पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। ध्वनि विस्तारक यंत्र, जैसे धुमाल, ब्रॉस बैंड तथा अन्य वाद्य यंत्र जिनका पीएमपीओ 200 बॉट से अधिक न हो, के बजाने की अनुमति स्थापित पंडाल अथवा नियत स्थल के 100 मीटर की परिधि के अंतर्गत के लिए होगी। विसर्जन के साथ-साथ अनुमति नहीं होगी।

  मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या खाद्य एवं पेय पदार्थ  वितरण की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी एवं मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप, टाटा एस (छोटा हाथी) से बड़े वाहन का उपयोग पूर्णत प्रतिबंधित होगा। मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा झांकी की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए 150 से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं हो सकेंगे एवं मूर्ति के वाहन मे 10 व्यक्ति ही बैठेंगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी।

  विसर्जन के लिए ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिक परिषद द्वारा निर्धारित रूट मार्ग एवं तिथि व समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गों से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सूर्यास्त के पश्चात् एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी। जारी आदेश में बताया गया हैं कि उपरोक्त शर्तों सहित किसी परिसर के अन्दर या सार्वजनिक स्थान पर मूर्ति स्थापित की जाती है तो कम से कम 03 दिवस पूर्व संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के कार्यालय में निर्धारित शपथ पत्र मय आवेदन देना होगा एवं अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी, किन्तु यह अनुमति किसी भी ऐसे स्थान पर प्रदान नहीं की जायेगी, जिससे सार्वजनिक निस्तार या यातायात बाधित होने की संभावना हो।

मिलाद-उन-नबी के लिए गाईडलाइन जारी-

जारी आदेश के अनुसार 19 अक्टूबर को ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) त्यौहार को भारत सरकार के द्वारा जारी कोविड गाईड लाईन के तहत शांतिपूर्ण ढंग से मनाये जाने हेतु भी निर्देश जारी किये गए हैं जिसमे ईदगाह की नमाज घर पर पढ़ेंगे और शांति से इस त्यौहार को मनायेंगे। किसी भी ईदगाह में 150 से अधिक व्यक्ति उपस्थित नहीं रहेंगे। साथ ही कोविड-19 एसओपी का पालन करना सुनिश्चित करेंगे। कोविड एसओपी का पालन करते हुए जुलूस में अधिकतम 150 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे तथा डीजे पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। ध्वनि विस्तारक यंत्र, जैसे घुमाल, बॉस बैंड तथा अन्य वाद्य यंत्र जिनका पीएमपीओ 200 वॉट से अधिक न हो, के बजाने की अनुमति होगी। भण्डारा पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

पुलिस अधीक्षक, सूरजपुर द्वारा नवरात्रि पर्व, दशहरा एवं ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था हेतु चौक-चौराहे पर आवश्यक पुलिस बल तैनात करेंगे साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने के लिए भी आवश्यक यातायात पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करेंगे।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद् सूरजपुर, नगर पंचायत, जिला सूरजपुर अपने-अपने नगर पालिका, नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत पेयजल प्रदाय करने के लिए निर्धारित समय से आधा घंटा पूर्व पेयजल की सप्लाई सुनिश्चित करेंगे और आवश्यकतानुसार टैंकर से भी पेयजल का प्रदाय सुनिश्चित करेंगे। इसके अतिरिक्त सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र अन्तर्गत पर्याप्त साफ-सफाई की व्यवस्था करेंगे। इसके लिए सुबह, दोपहर एवं सायं तीन पालियों में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगायेंगे। कार्यपालन अभियंता, छ.ग.रा.वि.वि.कं, सूरजपुर जिले में अनवरत विद्युत व्यवस्था बनाये रखना सुनिश्चित करेंगे।

उक्त त्योहारों के अवसर पर आकस्मिक रूप से किसी की अस्वस्थता अथवा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटनाओं से निपटने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सूरजपुर की अध्यक्षता में चिकित्सकीय दल तथा आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं के साथ एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।   जिला सेनानी द्वारा दुर्गा विसर्जन स्थानों पर सुरक्षा की दृष्टि से गोताखोर सभी आवश्यक संसाधनों के साथ तैनात करेंगे एवं विसर्जन करने में सुरक्षा के साथ आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। जिले में नवरात्रि पर्व, दशहरा एवं ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) के अवसर पर जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (रा.), तहसीलदार, नायब तहसीलदार अपने-अपने कार्यक्षेत्र अन्तर्गत समस्त धार्मिक संगठनों से चर्चा कर त्यौहार का शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करेंगे। इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन सूरजपुर द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश, आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा। यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा आदेश के उल्लंघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल अन्य धाराओं के तहत् कठोर कार्यवाही की जायेगी।