Breaking news : ढाई घर की टेढ़ी चाल में माहिर हैं खेतान

Breaking news : ढाई घर की टेढ़ी चाल में माहिर हैं खेतान



जनधारा ब्यूरो
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी चितरंजन खेतान पिछले 2 दिनों से सोशल मीडिया में सुर्खियों में बने हुए हैं। परसों एक ट्वीट में उन्होंने कलेक्टरों की वकालत की और जब यह ट्वीट उल्टा तीर साबित होने लगा तो उन्होंने अपने कदम वापस ले लिए। विवादों के साथ खेतान का पुराना नाता है। रायपुर हो या दिल्ली वह हमेशा विवादों में रहते हैं। नई दिल्ली में अपनी प्रतिनियुक्ति के दौरान खेतान कुछ इसी तरह सोशल मीडिया में वायरल हुए थे। इतना ही नहीं अखबारों की सुर्खियां भी बने और कमलनाथ जैसे दिग्गज मंत्री की नाराजगी का शिकार भी हुए।
भारत की राजधानी दिल्ली में एक प्रतिष्ठित गोल्फ क्लब है जहां का सदस्य होना एक स्टेटस सिंबल माना जाता है। कहा जाता है कि अगर इस क्लब की सदस्यता के लिए अगर आप आज आवेदन करेंगे तो आपको 35 साल के बाद इसकी सदस्यता मिल पाएगी, वह भी तब जब सब कुछ ठीक रहा। अब आप इस क्लब के महत्व का अनुमान लगा सकते हैं।
मामला कुछ ऐसा है कि कि जब केंद्र की यूपीए सरकार में कमलनाथ शहरी विकास मंत्री थे तब इस क्लब में सदस्यता के लिए इस मंत्रालय ने क्लब के नियम कानूनों की धज्जियां उड़ा दी थी। जो लोग बरसों से वेटिंग लिस्ट में थे, उन सब को दरकिनार कर शहरी विकास मंत्रालय ने अपने मंत्रालय के 19 अधिकारियों को इस क्लब का सदस्य बना दिया। बताया जाता है छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईएएस चितरंजन खेतान ने इस मामले में महती भूमिका अदा की। दरअसल इस प्रतिष्ठित क्लब में शहरी विकास मंत्रालय दखल दे सकता है, क्योंकि 220 एकड़ की भूमि वाले इस क्लब का कुछ हिस्सा इस मंत्रालय के अधीन है।
जानकार बताते हैं लीज नवीनीकरण के के लिए जब क्लब का प्रबंधन मंत्रालय पहुंचा तो मंत्रालय ने कुछ अधिकारियों को सदस्यता देने का प्रस्ताव रख दिया। क्लब ने सीबीआई के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा, इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख सैयद आसिफ इब्राहिम, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सचिव राजीव टकरू, प्रधानमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव जावेद अशरफ, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव आईएस चहल, संसदीय मामलों के सचिव देश दीपक वर्मा, कार्मिक मंत्रालय के पूर्व सचिव पीके मिश्रा, यूपी कैडर के आईएएस नीरज कुमार गुप्ता, कमलनाथ के रिश्तेदार उद्योगपति रतुल पुरी नवीन, डॉक्टर नरेश त्रेहान और संयुक्त सचिव चितरंजन खेतान को सदस्यता दे दी। इन अधिकारियों के अलावा जिन लोगों को सदस्य बनाया गया उनमें कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी सुहेल सेठ, कांग्रेस मंत्री जतिन प्रसाद, फैशन डिजाइनर जीतू बेरी और कमलनाथ के निजी सचिव खालिद बिन जमाल का भी नाम है।
बताया जाता है की सदस्यता को लेकर इस मामले की पूरी डील चितरंजन खेतान के हाथों में थी। एक दिलचस्प बात यह भी है कि यूपीए सरकार का कार्यकाल खत्म होने के ठीक एक दिन पहले यह सूची जारी हुई। इन अधिकारियों, नेताओं, उद्योगपतियों को गोल्फ क्लब का नियम विरुद्ध सदस्य बनाया गया। बाद में जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई तब इस मामले में खूब हंगामा मचा और शहरी मंत्रालय ने इन सबकी सदस्यता समाप्त करने का निर्देश दिया।
दरअसल मनोरंजन और अन्य गतिविधियों के नाम पर बने इन स्टार क्लबों में ब्यूरोक्रेट्स हमेशा दखलअंदाजी करते हैं और राजनीतिक आकाओं की आड़ में अपने अपने लोगों को उपकृत भी करते हैं। दिल्ली में ही एक जिमखाना क्लब भी है, जिसमें इसी तरह का मामला इन दिनों खासा गरमाया हुआ है। यहां भी 40-40 साल से लोगों को सदस्यता नहीं मिल रही है। एक विवाद इस बात को लेकर चल रहा है की जिमखाना क्लब अब शराब खाना बन गया है। यहां भी सदस्यता को लेकर बंदरबांट मची है। केवल दिल्ली ही नहीं देश के कई बड़े शहरों के स्टार क्लबों में ऐसी ही मनमानी चलती है।