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पीएम मोदी की रैली में सुनने वाला एक भी व्यक्ति नही था तो क्यों जा रहे थे बाई रुट: ज़ेबा कुरैशी

पीएम मोदी की रैली में सुनने वाला एक भी व्यक्ति नही था तो क्यों जा रहे थे बाई रुट: ज़ेबा कुरैशी

शब्बीर कुरैशी, दल्ली राजहरा। कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता ज़ेबा कुरैशी ने प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार करते हुए कहा कि- जब पंजाब के फिरोजपुर में 5 तारीख को होने वाली रैली को संबोधित करना ही था और उन्हें सुनने वाला एक व्यक्ति भी नहीं था तो पीएम मोदी बाई रुट किस लिए जा रहे थे ?

सुरक्षा के नाम से देश मे तमाशा खड़ा किया जाना आपको शोभा नही देता। क्योंकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा हर राज्य सरकार व आम नागरिक की जवाबदारी बनती है। तो इतना बड़ा तमाशा क्यो... जवाब दें प्रधानमंत्री ? क्या आपके प्रोटोकॉल में बाई रूट जाने का उल्लेख था ? क्या प्रधानमंत्री को सुरक्षा के दृष्टि से 112 कि.मी से अधिक सड़क मार्ग से जाना क्या जरूरी था? प्रधानमंत्री पंजाब के हालात को देखते हुए इतना लंबा बाई रूट ले जाने का निर्णय आखिर किसका था, और क्यो लिया गया क्या इसकी जानकारी राज्य सरकार पहले से थी ? मौसम रैली के दो दिन पहले से ही खराब था क्या आपके इंटलीजेंसी ब्यूरो (आई.बी) सुरक्षा एजेंसियों व एस. पी. जी को पता नही था ? आपकी रैली में सुनने वाला एक व्यक्ति भी नहीं था तो किस लिए जा रहे थे बाई रूट ?

पंजाब के किसान संगठनों ने रैली में जाने से पहले ही बाईकाट कर दिया था क्या आपके इंटलीजेंसी ब्यूरो (आई.बी) सुरक्षा एजेंसियों को पता नही था ? केंद्र सरकार भी जानती है कि पंजाब में किसान मोदी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर कर जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे है, क्योंकि अभी भी उनकी कई मांगो को लेकर केंद्र सरकार उदासीन है। क्या इस परिस्थिति में यह निर्णय सही है ? फिरोजपुर जहाँ किसान प्रदर्शन कर रहे थे वह क्षेत्र सिमावर्ती क्षेत्र होने के कारण 50 कि.मी. तक का क्षेत्र बी.एस.एफ. के कब्जे में है कि केंद्र सरकार के अधीन है।

कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता जेबा कुरैशी ने कहा कि बीजेपी के केंद्रीय मंत्री जो सवाल पंजाब सरकार से कर रहे है उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री से करना चाहिए क्योंकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा का पूरा जिम्मा केंद्रीय गृह मंत्रालय को होता है जिसमें एस.पी.जी, आई.बी, बी.एस.एफ. एवँ सी. आर. पी. एफ. जैसी कई सुरक्षा एजेंसियां सभी तरह के सूचना एकत्रित कर कार्यक्रम प्रोटोकॉल को जारी करते है। 

जो किसान सड़क में प्रदर्शन कर रहे थे उनके हाथों में कोई हथियार या नुकसान पहुंचाने योग्य सामग्री थी। आपकी सुरक्षा में सेंध भाजपा के कार्यकर्ताओं ने किया जो कि झंडा लिए आपके काफिले के समक्ष नारेबाजी कर रहे थे। क्या प्रधानमंत्री मोदी किसानों से डर गए है... या नफरत करते है ? प्रधानमंत्री की रैली पूरी तरह से फैल हुई जिसे सुरक्षा में चूक नाम से डायवर्ट करने स्टंट है। यह आपके मुंह से ये शोभा देता है ? इन सब अनसुलझे सवाल के जवाब देश की जनता जानना चाह रही है क्या देश के प्रधानमंत्री इतने कमजोर है इस से पहले भी कांग्रेस ने देश को कई प्रधानमंत्री दिए इंदिरा गांधी, राजीव गांधी जो की देश के लिए बलिदान हो गए पर किसी ने ये नही कहा कि हमारी जान को खतरा है।

एक सच्चा देशभक्त अपनी जान भी कुर्बान करने से पीछे नही हटता ना ही कहता मेरी जान को खतरा है। शहीद महेंद्र कर्मा जी झीरम • घाटी हमले में सुरक्षा के जवानों आम नागरिकों को बचाने के लिए खुद आगे आकर सीने में गोली खाई और कुर्बानी दे दी परन्तु पीठ दिखाकर नही लौटे। क्या प्रधानमंत्री को इतना खतरा था इस तरह का जान का खतरा होना एक बार नही कई बार सार्वजनिक तरीके से मीडिया में बोलना पड़ रहा है 

जबकि उनकी सुरक्षा देश में सबसे मजबूत सुरक्षा घेरे में होती है अगर वो सुरक्षित नही देश के आम नागरिकों का क्या होगा...इस से ये लगता है कि आप अब तक के सबसे कमजोर व लाचार प्रधानमंत्री है जो वहाँ के किसान व पंजाब सरकार को बदनाम करने में लगे हुए है। प्रधानमंत्री मोदी  आप चाहे कितने भी ड्रामा कर लें पंजाब में एक भी सीट भाजपा जीत नही पाएगी।