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‘मन की बात‘ में प्रधानमंत्री ने की अपील - “वोकल फॉर लोकल” के संकल्प को याद रखकर स्थानीय उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता दें

‘मन की बात‘ में प्रधानमंत्री ने की अपील - “वोकल फॉर लोकल” के संकल्प को याद रखकर स्थानीय उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता दें

नयी दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने त्योहारों की खरीद के दौरान देशवासियों से स्थानीय उत्पादों को खरीदने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने रविवार को ‘मन की बात‘ कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा कि त्योहारों के मौके पर जब आप सब खरीदारी करने बाज़ार जाएं तो “वोकल फॉर लोकल” के संकल्प को याद रखकर स्थानीय उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता दें।

उन्होने कहा, “ जब हम अपने लोकल के लिए वोकल हो रहे हैं तो हमारे कई स्थानीय उत्पादों के दुनिया में प्रशंसक बढ़ रहे हैं।” उन्होंने खादी का उदाहरण देते हुए कहा, “ खादी लंबे समय से सादगी की पहचान है लेकिन अब ये ईको फ्रैंडली , स्वास्थ्य और शरीर के लिए अनुकूल मानी जा रही है साथ ही फैशन स्टेटमेंट भी बन गई है।”

श्री मोदी ने कहा कि खादी की लोकप्रियता दुनिया में बढ़ रही है, साथ ही दूसरे देशों में बनाई भी जाने लगी है। उन्होंने मैक्सिको के ओहाका क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के कई गांव में स्थानीय ग्रामीण खादी बुन रहे हैं। मैक्सिको के मार्क ब्राउन महात्मा गांधी की फिल्म देखकर खादी से इतने प्रभावित हुए कि वह भारत आए। यहां उन्होंने समझा कि खादी सिर्फ एक कपड़ा नहीं बल्कि एक जीवनशैली, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता का दर्शन है। इसलिए वह मैक्सिको जाकर खादी बुनने लगे और ओहाका खादी एक ब्रांड बन गया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “ लोकल उत्पादों के साथ एक दर्शन जुड़ा हुआ है। जब हमें अपनी चीज़ों पर गर्व होता है तब दुनिया की भी जिज्ञासा बढ़ती है। जैसे योग, आध्यात्म और आयुर्वेद ने पूरी दुनिया को आकर्षित किया है। उन्होंने कहा, “हमारे कई स्थानीय और पारंपरिक खेल भी दुनिया में लोकप्रिय हो रहे हैं जैसे ‘मलखंभ’

श्री मोदी ने चिन्मय पाटंकर और प्रज्ञा पाटंकर जैसे युवाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि इन युवाओं ने जब अमेरिका में घर से इस खेल का प्रशिक्षण शुरू किया और आज ये इतना लोकप्रिय है कि इसके कई प्रशिक्षण केन्द्र अमेरिका में चल रहे हैं और हज़ारों अमेरिकी युवा इसे सीख रहे हैं। उन्होंने कहा, “ आज जर्मनी, पोलैंड और मलेशिया जैसे करीब 20 देशों में ‘मलखंभ’ खूब लोकप्रिय हो रहा है और इसकी विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने युवाओं से मलखंभ जैसे स्थानीय खेल सीखने की अपील की।