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CM भूपेश बघेल के दौरे के ताबड़तोड़ कार्यवाही का असर नारायणपुर जिले में भी

CM भूपेश बघेल के दौरे के ताबड़तोड़ कार्यवाही का असर नारायणपुर जिले में भी

ग्रामीण के अनुसार मुख्यमंत्री को हर महीने एक गांव आना चाहिए विकास उनके आने से हो जाएगा

नारायणपुर - छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दौरे के दौरान हो रही कार्यवाही का भय नारायणपुर जिला प्रशासन में भी देखने को मिला है । नारायणपुर जिले के कोचवाही में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए दिन रात एक करके गोठान का कायाकल्प किया जा रहा है ।


गोठान के पहुंच लगभग 500 मीटर मार्ग में चेकर टाइल्स लगाने से लेकर गोठान में रंगाई पुताई , नवीन गेट का निर्माण , पानी की व्यवस्था , खाद  बनाने का कार्य आदि किया जा रहा है ।

जिसे देखकर ग्रामीणों का कहना है कि पहले गोठान में कोई झांकने तक नहीं आता था लेकिन अब मुख्यमंत्री आने वाले है तो अधिकारियों का जमावड़ा लगा हुआ है रातों रात सड़क बनाने से लेकर पुराना गोठान को नया गोठान बनाया जा रहा है । मुख्यमंत्री जी को हर महीने हमारे गांव आना चाहिए पूरा गांव की बदहाल व्यवस्था सुधार जायेगी ।


ज्ञाता हो कि नारायणपुर जिले के कोचवाही और छोटेडोंगर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का उड़न खटोला उतरने वाला है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के  द्वारा की जा रही कार्यवाही का अधिकारियों में किस कदर भय है ये कोचवाही गांव के गोठान में देखने को मिल रहा है ।

जो पहले गौ शाला हुआ करता था उसे गोठान बनाया गया कुछ दिन कुछ काम चला उसके बाद बंद हो गया । बंद होने के बाद ग्रामीणों के अनुसार जहा कभी कोई अधिकारी कर्मचारी कोई झांकने तक नहीं आता था वहा अब रातों रात सड़क से लेकर पुराने गोठान को नवीन बनाया जा रहा है जिसे देखकर हम सभी ग्रामीण हैरान है कि जिस गली में चलने  में काफी तकलीफ होती थी पंचायत से सड़क बनवाने के लिए कई बार गुहार लगाई लेकिन बना नही और आज उस गली में चेकर टाइल्स की सड़क बनाई जा रही है ।


वही ग्रामीणों का कहना है कि हमारे घर के सामने गोठान में कभी कभार गोबर खरीदी हो जाती थी लेकिन अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आने वाले है तो नया सड़क , गोठान में पुताई से लेकर नया निर्माण दिन रात किया जा रहा है । हमारे मुख्यमंत्री को हमेशा ऐसे ही आते रहना चाहिए विकास अपने आप हो जाएगा ।

जिन अधिकारियों से मिलने के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर काटना पड़ता है वो अधिकारी पिछले 10 दिनों से गांव के चक्कर काट रहे है । अगर ऐसे ही अधिकारी समय समय पर पंचायतों में जाकर कार्यों के बारे में ग्रामीणों से जानकारी लेते तो गांव की समस्या उनके समाने आती जो सरपंच सचिव दबा देते है ।