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प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को लगाई फटकार, कहा-जब तमाम उपाय किए जा रहे हैं तो प्रदूषण का स्तर क्यों बढ़ रहा है

प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को लगाई फटकार, कहा-जब तमाम उपाय किए जा रहे हैं तो प्रदूषण का स्तर क्यों बढ़ रहा है

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली और केंद्र सरकार को फिर फटकार लगाई और कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वो गंभीरतापूर्वक विचार कर वायु प्रदूषण स्तर कम करने का उपयुक्त उपाय करें तथा जल्द उनके बारे में अवगत कराएं, अन्यथा वह कोई 'निर्देश' पारित करेगा।  मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने दिल्ली में स्कूलों खोले जाने पर नाराजगी व्यक्त की। इसके अलावा वायु प्रदूषण फैलाने वाले प्रमुख कारकों औद्योगिक इकाइयों और वाहनों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।

शीर्ष अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार के उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें प्रदूषण कम करने के तमाम उपाय किए जाने के दावे किए गए हैं। अदालत ने सवालिया लहजे में कहा कि जब तमाम उपाय किए जा रहे हैं तो प्रदूषण का स्तर क्यों बढ़ रहा है। पीठ ने नौकरशाहों के कामकाज के तरीकों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए ये।

शीर्ष अदालत ने केंद्र, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार और अन्य पक्षकारों से कहा, “हम आपको 24 घंटे का समय दे रहे हैं। हम चाहते हैं कि आप इस पर गंभीरता से विचार करें और इसका समाधान निकालें।” मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्य खंडपीठ ने कहा, “हम कल सुबह 10 बजे 30 मिनट के लिए सुनवाई कर सकते हैं। आप हमें प्रदूषण रोकने के उपायों के अगले चरणों के बारे में अवगत कराएं, अन्यथा हम कोई 'निर्देश' पारित करेंगे।” शीर्ष अदालत ने खतरनाक प्रदूषण स्तर के बीच स्कूलों को खोलने की इजाजत पर गंभीर सवाल उठाए और इसके लिए दिल्ली सरकार की खिंचाई की।

गौरतलब है कि दिल्ली और केंद्र सरकार की ओर से लगातार शीर्ष अदालत में ये दावे किए जा रहे हैं कि वो राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने के लिए लगातार ठोस प्रयास कर रही है। केंद्र सरकार की ओर से शीर्ष अदालत में एक हलफनामा दायर कर कहा गया था कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में निर्माण गतिविधियों के मद्देनजर प्रदूषण कम करने के तमाम एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं और निर्माण कार्य की कार्यों की वजह से प्रदूषण नहीं फैल रहा है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय महत्व कार्य बताते हुए केंद्र सरकार ने कहा था कि यहां प्रदूषण रोकने के तमाम ऐतिहासिक उपाय किए गए हैं।