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विधानसभा सत्र : भाजपा ने सरकार के संशोधन विधेयक का किया विरोध, हंगामा और नारेबाजी, किसानों का धान एक नवंबर से खरीदे सरकार

विधानसभा सत्र : भाजपा ने सरकार के संशोधन विधेयक का किया विरोध, हंगामा और नारेबाजी, किसानों का धान एक नवंबर से खरीदे सरकार

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में सरकार द्वारा कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक 2020 पेश किया गया जिसका भाजपा ने विरोध किया. और कहा कि सरकार को एक नवंबर से किसानों की धान खरीदी करना चाहिए.

कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक पेश किया. इस दौरान बीजेपी विधायकों ने एक नवंबर से धान खरीदी किये जाने की मांग करते हुए सदन में खूब हंगामा और नारेबाजी की. सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित हुई. इस पर भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इस सत्र को किसानों के हित के लिए बुलाया गया है. धान की कटाई शुरू हो चुकी है. एक नवंबर से धान खरीदी शुरू की जाएगी तो किसानों को नुकसान नहीं होगा. इसमें देरी हुई तो किसानों को कोई फायदा नहीं है.

बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि किसानों के मुद्दों पर ये विशेष सत्र बुलाया है. सरकार ने 1 दिसम्बर से धान खरीदी का वक़्त तय किया है यदि सरकार ने 1 नवम्बर से धान खरीदी शुरू नहीं की जाएगी तो किसानों को सुखत का नुकसान उठाना पड़ेगा. वहीं नारायण चंदेल ने कहा कि केंद्र ने 60 लाख मीट्रिक टन लेने को कहा है, तो हम सरकार से मांग करते है कि प्रति एकड़ 15 की जगह 20 क्विंटल धान खरीदा जाए.

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि तथाकथित रूप से 2500 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को दे रहे हैं, तथाकथित इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि केवल दो ही क़िस्त किसानों को दिया गया है. किसानों की हित की बात कर रहे हैं तो एक नवंबर से धान खरीदी क्यों नहीं की जा रही है? विशेष सत्र में ही इसकी घोषणा की जानी चाहिए.

डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि किसानों का धान आना शुरू हो गया है. 15 सालों तक किसानों की आदत थी कि धान खेत से सीधे सोसायटी ले जाता था. लोग घरों में धान नहीं रखते थे. किसानों से 1 नवम्बर से ही धान खरीदी की व्यवस्था होनी चाहिए. प्रति एकड़ 20 क्विंटल खरीदी की जाए. हम ये मांग करते हैं कि इस सत्र में ही सरकार ये कानून लेकर आये कि किसानों से 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जाए और यह खरीदी एक नवंबर से हो.