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भूस्खलन से प्रभावित परिवारों ने Secl के महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव एवं धरना प्रदर्शन किया

भूस्खलन से प्रभावित परिवारों ने Secl के महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव एवं धरना प्रदर्शन किया

चिरिमिरी, 19 फरवरी। नगर पालिक निगम चिरमिरी में स्थित हल्दीबाडी में घड़ी चौक के समीप स्थित महुआ दफाई में करीब 15-16 दिन पहले भूस्खलन हो गई थी। इस भूस्खलन की घटना होने की वजह से करीब करीब 30-35 परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हो गई थी। इन परिवारों के सर के ऊपर से छत छिन गई, क्योंकि भूस्खलन की वजह से दुर्घटना होने की वजह से प्रशासन द्वारा वहां पर रह रहे प्रभावितों को अन्यत्र जगह में शिफ्ट किया गया। पास ही में सरस्वती शिशु मंदिर में अस्थाई रूप से प्रभावितों को रहने की जगह दी गई। उन लोगों के स्थाई समाधान के लिए कलेक्टर कोरिया ने एसईसीएल चिरमिरी के महाप्रबंधक को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी, मगर आज करीब करीब 15-16दिन बीत जाने के बाद भी वहां पर रह रहे प्रभावित परिवारों को अभी तक स्थाई आवास की व्यवस्था नहीं मिल पाई है।

कई दिन बीत जाने के बाद प्रभावित परिवारों के सब्र का बांध टूट गई तो उन्होंने एसईसीएल मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव करते हुए धरने पर बैठ गए। इस धरना प्रदर्शन में वार्ड के पार्षद ,वार्ड वासी एवं समाजसेवी संगठन के लोगों ने इस धरने पर बैठ गए ,एवं महाप्रबंधक से मांग करने लगे कि भूस्खलन से प्रभावित लोगों के समाधान करते हुए परिवारो को स्थाई मकान की व्यवस्था की जाए। प्रभावितों का धरना प्रदर्शन को देखते हुए  मुख्य महाप्रबंधक चिरमिरी क्षेत्र ,एसडीएम चिरमिरी, नगर पुलिस प्रशासन चिरिमिरी व प्रभावित लोगों के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भूस्खलन से प्रभावित परिवारों को स्थाई आवास की व्यवस्था की जाएगी, एसईसीएल द्वारा बनाई गई मकान जो खाली मकान पड़े हैं प्रभावितों को उपलब्ध कराया जा सकता है, भूस्खलन से प्रभावित  बेघरों को घर की व्यवस्था की जाएगी।

 इस आश्वासन के बाद प्रभावितों ने अपना धरना प्रदर्शन को समाप्त कर दिया, अब पाला एसईसीएल प्रशासन के ऊपर है कि उन प्रभावितों को कब तक स्थाई आवास उपलब्ध करा रही है, ताकि भूस्खलन से प्रभावीत लोग चैन की सांस ले सके?