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महाराष्ट्र : मदर टेरेसा नाम से विख्यात सिंधुताई अनाथ बच्चों की माई सपकाल का निधन, श्रद्धांजलि अर्पित

महाराष्ट्र : मदर टेरेसा नाम से विख्यात सिंधुताई अनाथ बच्चों की माई सपकाल का निधन, श्रद्धांजलि अर्पित

पुणे । महाराष्ट्र की मशहूर समाज सेविका मदर टेरेसा नाम से विख्यात पदम सिंधुताई सकपाल 73 वर्ष निधन 73 वर्ष पुणे महाराष्ट्र जानी मानी समाजसेवी का कार्यकर्ता पदम से सम्मानित सिंधुताई का निधन पुणे के गैलेक्सी हॉस्पिटल में भर्ती थी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ शैलेश पुणतांबेकर नेता हार्ड अटैक निधन हो गया।

एक महीने से चल रहा था इलाज पुणे मंगलवार 8:10 आखिरी सांस। अनाथ बच्चों की मां सिंधुताई सपकाल एक भारतीय समाज सुधारक एवं अनाथ बच्चों की माई आई के नाम से प्रसिद्ध थीं। अनाथ बच्चों विशेष रुप से भारत के अनाथ बच्चों को पालने और भरण पोषण का कार्य करती थीं। 12 सौ बच्चों को गोद लिया, 206 दामाद, 36 बहू 1000 से ज्यादा पोते होती  हैं।

 उनकी खुद की बेटी वकील है उनके द्वारा गोद लिए बच्चे सारे डॉक्टर वकील और खुद चला अनाथ आश्रम चलाते हैं। जन्म सिंधुताई महाराष्ट्र वर्धा जन्म हुआ था। शिक्षा गरीब परिवार होने के कारण पुराने कपड़े आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उनके पिताजी मवेशी चराने के बहाने स्कूल भेजा करते थे। स्कूल में स्लेट पट्टी का खर्च भी नहीं उठा सकती थी।

वे भारतीय समाज सुधारक के रूप में सेवा निरंतर करती थी। सिंधुताई की उपलब्धि और पुरस्कार 750 से भी अधिक हैं। महिला दिवस 8 मार्च 2017 में उन्हें राष्ट्रपति के हाथों नारी शक्ति पुरस्कार सम्मान भी प्राप्त हुआ। मदर टेरेसा अवार्ड से भी सम्मानित हुईं। महिला ऑफ द ईयर, अहिल्याबाई पुरस्कार शिव लीला पुरस्कार, गौरव पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।  अनाथ बच्चों के लिए समाज कार्य करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता जीवन में अनेक समस्या आने के बाद भी अनाथ बच्चों को संभालने का कार्य निरंतर जारी रखा।