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नवा जतन कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

 नवा जतन कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

सुकमा।  कलेक्टर  विनीत नन्दनवार के मार्ग दर्शन एवं जिला शिक्षा अधिकारी जिला सुकमा के निर्देशन पर जिला स्तरीय नवा जतन कार्यकम के तहत प्रथम चरण का प्रशिक्षण 10 से 12 दिसम्बर को स्वामी विवेकानंद बहुद्देशीय सभागार सुकमा में आयोजित किया गया। इसमें सुकमा एवं कोण्टा विकासखण्ड के एबीईओ, बीआरसी, सीएसी व पीएलसी के कुल 126 सदस्यों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कोरोना काल के समय 18 माह तक बंद स्कूल के बच्चों के लर्निग लॉस की भरपाई के लिए राज्य शैक्षिक एवं प्रशिक्षण परिषद रायपुर द्वारा नवा जतन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला में कक्षा पहली से आठवीं तक के वर्तमान कक्षा स्तर का ज्ञान और पूर्व कक्षाओं में हुए लर्निग लॉस के लिए उन्हें नवा जतन कार्यकम के तहत उपचारात्मक शिक्षण हेतु सेतु पाठ्यकम 2.0 का प्रशिक्षण शिक्षा विभाग के विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों को प्रदाय किया गया।

नवा जतन अभियान अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यशाला में बच्चों के शैक्षिक स्तर में गिरावट, बुनियादी भाषा एवं संख्या ज्ञान, मुल्यांकन, निदानात्मक एवं उपचारात्मक शिक्षण सीखने की चुनौती, मॉनिटरिंग कार्ययोजना सीखने को कैसे सीखें, अवधारणा समाज और कौशल विकास ऊर्जा, जल एवं पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण विकास कार्य योजना पर दिये गये को विभिन्न चरणों में एबीईओ, बीआरसी, संकुल समन्वयक एवं पी.एल.सी. सदस्य को उपचारात्मक शिक्षण की जानकारी विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए प्रश्न निर्माण की विभिन्न कौशलों को समझाया गया। 

जिला शिक्षा अधिकारी नीतिन डड़सेना ने प्रशिक्षणार्थियों को नवा-जतन कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य सेतु-पाठ्यकम, लर्निग आऊटकम, (थ्स्छ) स्कूलों में कियान्वयन ‘‘सिखने को कैसे सिखें‘‘ किस तरह की जाये इस सम्बंध में जानकारी दी। प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस सीताराम राणा (मास्टर ट्रेनर) के द्वारा नवा जतन कार्यक्रम के तहत् 20वीं एवं 21वीं सदी का चिंतन पर विश्लेषणात्मक चर्चा हुई।

तत्पश्चात डाईट दंतेवाड़ा से आए प्राचार्य शैलेश सिंह सर, साहू सर,  ठाकुर सर द्वारा उपचारात्मक शिक्षण, बेसलाईन आकलन पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।  मनीष ठाकुर के द्वारा मुल्यांकन एवं समालोचनात्मक चिंतन ASER, NAS, PISA  के 21वीं सदी के कौशल (6-c), को बच्चों तक कियान्वयन करने हेतु छरू तरीको के बारे मे विस्तृत चर्चा की गई। दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण में सीताराम सिंह राणा (मास्टर ट्रेनर) एवं हरि नारायण