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सरकार ने विनिर्माण, खनन और सेवा क्षेत्र के लिए मसौदा मॉडल स्थायी आदेश किया प्रकाशित

सरकार ने विनिर्माण, खनन और सेवा क्षेत्र के लिए मसौदा मॉडल स्थायी आदेश किया प्रकाशित

नई दिल्ली । औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 की धारा 29 के अनुसार; केंद्र सरकार ने तीस दिनों की अवधि के भीतर हितधारकों से सुझावों/आपत्तियों को आमंत्रित करते हुए विनिर्माण, खनन क्षेत्र और सेवा क्षेत्र के लिए मॉडल स्थायी आदेशों के मसौदे को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया है। सेवा क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, पहली बार सेवा क्षेत्र के लिए एक अलग स्थायी आदेश मॉडल तैयार किया गया है।

इन मॉडल स्थायी आदेश की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं

 जहां एक नियोक्ता अपने औद्योगिक प्रतिष्ठान या उपक्रम से संबंधित मामलों के संबंध में केंद्र सरकार के एक मॉडल स्थायी आदेश को अपनाता है, तो ऐसे मॉडल स्थायी आदेश को प्रमाणित माना जाएगा।

औद्योगिक प्रतिष्ठान के संबंध में अपनाए गए मॉडल स्थायी आदेश औद्योगिक प्रतिष्ठान की अन्य सभी औद्योगिक इकाइयों पर लागू होंगे, भले ही वह किसी भी स्थान पर हो।

 क्षेत्र-विशिष्ट आवश्यकताओं पर विचार करते हुए कुछ लचीलापन प्रदान करने के साथ तीनों मॉडल स्थायी आदेशों में एकरूपता बनाए रखी गई है।

सभी तीन मॉडल स्थायी आदेश इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से श्रमिकों को सूचना के प्रसार में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए नियोक्ता को प्रोत्साहन देते हैं।

सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को सुरक्षा प्रदान करने के लिए, किसी भी सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली, नियोक्ता/ग्राहक/क्लाइंट के कंप्यूटर नेटवर्क में अनधिकृत पहुंच में भागीदारी को एक कदाचार के रूप में निर्धारित किया गया है।

1. सेवा क्षेत्र के लिए मॉडल स्थायी आदेश में घर से कार्य की अवधारणा को औपचारिक रूप दिया गया है।

1. अन्य सेवा क्षेत्र के लिए मॉडल स्थायी आदेश के मुताबिक आईटी क्षेत्र के मामले में, काम का समय नियोक्ता और श्रमिकों के बीच नियुक्ति के समझौते या शर्तों के अनुसार होगा।

1. यदि कार्यकर्ता बारह महीनों से पहले किसी भी कदाचार के तीन या अधिक बार दोषी पाया गया तो अनुशासनहीनता के संबंध में आदी को परिभाषित किया गया है।

1. श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि रेल यात्रा सुविधा का विस्तार खनन क्षेत्र के श्रमिकों के लिए किया गया है। वर्तमान में, इसका उपयोग केवल कोयला खदानों में श्रमिकों द्वारा किया जा रहा है। ये मॉडल स्थायी आदेश देश में उद्योग सद्भाव का मार्ग प्रशस्त करेंगे क्योंकि इनका उद्देश्य सेवा-संबंधी मामलों को सौहार्दपूर्ण तरीके से औपचारिक बनाना है।