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भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक : बंगाल में नए सिरे से सियासी लड़ाई लड़ेगी भाजपा

भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक : बंगाल में नए सिरे से सियासी लड़ाई लड़ेगी भाजपा

पेट्रोल-डीजल पर वैट न घटाने पर तीन दिवसीय प्रदर्शन की बनाई योजना

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्तारूढ़ तृणमूल कांगे्रस के साथ नए सिरे से जमीनी स्तर पर सियासी लड़ाई लड़ेगी। रविवार को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इससे जुड़ी रणनीति का तानाबाना बुना गया और समर्थकों का मनोबल बनाए रखने के लिए कई तरह के कार्यक्रम तय किए। बैठक में अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आश्वस्त किया कि पार्टी राज्य में सियासत का नया अध्याय लिखेगी।

अपने अध्यक्षीय भाषण में नड्डा ने खासतौर पर पश्चिम बंगाल की स्थिति की बार-बार चर्चा की। अध्यक्षीय भाषण के बाद उपचुनाव के निराशाजनक नतीजे, पार्टी नेताओं का थोक के भाव सत्तारूप तृणमूल कांग्रेस में वापसी और राजनीतिक हिंसा पर चर्चा हुई। चर्चा में तय किया गया कि वर्तमान में सबसे अधिक जरूरी समर्थकों का मनोबल हर हाल में बनाए रखना जरूरी है।

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में जीत हासिल न करने के बाद भाजपा को राज्य से एक भी सुखद संदेश नहीं मिले हैं। मुकुल राय, बाबुल सुप्रियो सहित कई दिग्गज नेता टीएमसी में जा चुके हैं। चार सीटों पर हुए हालिया विधानसभा उपचुनाव में पार्टी को तीन सीटों पर अपनी जमानत गंवाने के साथ अपनी दो सीटें गंवानी पड़ी। पार्टी का वोट प्रतिशत गिर कर 15 फीसदी रह गया। इसके बाद से ही पार्टी नेतृत्व बंगाल की स्थिति को ले कर बेहद चिंतित है।

क्या बोले नड्डा

अपने अध्यक्षीय भाषण में नड्डा ने राज्य में अपने समर्थकों को सीधा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा चट्टान की तरह आपके साथ खड़ी रहेगी। आपके समर्थन की बदौलत राज्य में सियासत का नए अध्याय के साथ नए इतिहास का निर्माण करेंगे। भाजपा प्रजातांत्रिक तरीके से बंगाल को बचाने के लिए, बंगाल में प्रजातंत्र को, संविधान को बहाल करने की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेगी।  इस दौरान नड्डा ने पार्टी इकाई को बूथ स्तर पर सक्रिय होने, हिंसा प्रभावित लोगों के साथ लगातार मुलाकात करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बूथ कमेटियां हर हाल में 25 दिसंबर तक गठित हो जानी चाहिए।

बंगाल के लिए नई टीम जल्द

पार्टी सूत्रों ने बताया कि नए सिरे से सियासी जंग की शुरुआत के लिए जल्द ही नई टीम गठित होगी। इस क्रम में प्रदेश स्तर के संगठन में आमूलचूल बदलाव होगा। राज्य के प्रभारी सहित अन्य पदों पर भी अहम बदलाव होगा। केंद्रीय मंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों के क्रमवार राज्य के दौरे के कार्यक्रम बनेंगे। पार्टी इकाई सभी अहम मुद्दों पर राज्य में लगातार प्रदर्शन करेगी। इससे समर्थकों में उत्साह और आत्मविश्वास पैदा होगा।