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कहानी पर चर्चा करने अपै्रल माह के अंत में जगदलपुर शहर में जुटेंगे देशभर के नामचीन साहित्यकार...संगोष्ठी में किया गया कार्यक्रम के रूपरेखा के संबंध में चर्चा...

कहानी पर चर्चा करने अपै्रल माह के अंत में जगदलपुर शहर में जुटेंगे देशभर के नामचीन साहित्यकार...संगोष्ठी में किया गया कार्यक्रम के रूपरेखा के संबंध में चर्चा...

बस्तर एवं जगदलपुर शहर के साहित्यिक विरासत को अक्षुण्य बनाए रखने हेतु जगदलपुर शहर में इस वर्ष के अप्रैल माह के अंत में साहित्य की कहानी विधा पर कथा समाख्या 7 के माध्यम से कार्यशाला एवं परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा। 

कलेक्टर श्री रजत बंसल के विशेष प्रयासों से आयोजित कार्यशाला एवं परिचर्चा में देश के नामचीन साहित्यकार एवं कहानीकार जुटेंगे। इस आयोजन के दौरान दिन में कहानी के संबंध में कार्यशाला एवं परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा एवं रात्रि के समय नाटक का आयोजन भी होगा। लाला जगदलपुरी ग्रंथालय जगदलपुर के सभागार में आज आयोजित संगोष्ठी में आयोजन के रूप रेखा के संबंध में चर्चा की गई। इस संगोष्ठी में कलेक्टर श्री रजत बंसल के अलावा आज के जनधारा समाचार पत्र के प्रधान सम्पादक श्री सुभाष मिश्रा, वरिष्ठ साहित्यकार श्री जयप्रकाश एवं श्री आनंद हर्षुल के अलावा शिक्षाविद श्री बीएल झा, श्री विजय सिंह, श्रीमती सरिता सिंह सहित जगदलपुर शहर के साहित्य संस्कृति, कला एवं रंगकर्म से जुड़े लोग उपस्थित थे।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री रजत बंसल ने लाला जगदलपुरी ग्रंथालय के स्थापना एवं जगदलपुर शहर में इस प्रकार के साहित्यिक आयोजनों के उद्देश्यों के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आप सभी के प्रयासों से बस्तर को आदिवासियों के कला एवं संस्कृति के केन्द्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। श्री बंसल ने कहा कि लाला जगदलपुरी ग्रंथालय प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ साहित्यिक गतिविधियों का प्रमुख केन्द्र बनेगा। बस्तर की साहित्य, कला एवं संस्कृति को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने हेतु हम सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर श्री सुभाष मिश्रा, श्री जयप्रकाश एवं आनंद हर्षुल के अलावा उपस्थित साहित्यकारों एवं कलाधर्मियों ने आयोजन को सफल बनाने हेतु अपना विचार व्यक्त किया। जगदलपुर शहर में इस महत्वपूर्णं आयोजन कि लिए उपस्थित सभी लोगों ने कलेक्टर श्री रजत बंसल के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।