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हुनर हाट क्राफ्ट, क्यूजीन और कल्चर का अद्भुत संगम: योगी

हुनर हाट क्राफ्ट, क्यूजीन और कल्चर का अद्भुत संगम: योगी

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हुनर हाट क्राफ्ट, क्यूजीन और कल्चर का अद्भुत संगम है।

श्री योगी ने शनिवार को यहां अवध शिल्पग्राम में आयोजित 24वें हुनर हाट का शुभारम्भ करने के बाद कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने में भारतीय दस्तकारी कला और परम्परागत उद्योग अत्यन्त महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकल को वोकल और फिर उसे ग्लोबल बनाने का जो संकल्प लिया है, वही भारत को वैश्विक पहचान दिला रहा है।

उन्होने कहा कि इस बार हुनर हाट कार्यक्रम में ओडीओपी को भी जोड़ा गया है। मौजूदा सरकार परम्परागत उद्योगों को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए आवश्यक है कि परम्परागत उद्योगों को एक अच्छा प्लेटफाॅर्म दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ओडीओपी योजना देश की एक अभिनव योजना है। लखनऊ की चिकनकारी, भदोही की कालीन, वाराणसी का सिल्क, गोरखपुर का टेराकोटा, फिरोजाबाद का ग्लास उद्योग, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, आगरा एवं कानपुर की लेदर कारीगरी ने विशिष्ट पहचान बनायी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया में कहीं भी प्रदर्शनी लगती है तो हुनर हाट से जुड़े लोग उसमें प्रतिभाग करते हैं। हुनर हाट में देश के विभिन्न क्षेत्रों के व्यंजन का स्वाद लिया जा सकता है और भारत के परम्परागत खान-पान, रहन-सहन और वेश-भूषा को भी देखा जा सकता है, जो अनेकता में एकता का संदेश देता है। पिछले हुनर हाट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले यह आयोजन एक सप्ताह का था, लेकिन लोगों की भारी मांग पर इसे बढ़ाकर 15 दिनों तक संचालित किया गया।

उन्होने कहा कि कोरोना कालखण्ड में सैनिटाइजर की काफी मांग बढ़ी थी, जिससे बाजार में इसके दाम काफी ज्यादा थे। प्रदेश सरकार द्वारा चीनी मिलों को सैनिटाइजर बनाने के लिए प्रेरित किया गया जिसका परिणाम है कि सैनिटाइजर के दामों में काफी कमी आयी। प्रदेश सरकार द्वारा 27 राज्यों को भी सैनिटाइजर निर्यात किया गया। पहले हमें पीपीई किट के लिए चीन पर निर्भर रहना पड़ता था। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से पीपीई किट का निर्माण प्रदेश में होने लगा।

श्री योगी ने कहा कि जब भारत आजाद हुआ था तब प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय देश की प्रति व्यक्ति की आय के बराबर थी। बीच के कालखण्ड में परम्परागत उद्योग को महत्व नहीं दिया गया। इसका परिणाम रहा कि जहां देश की प्रति व्यक्ति आय 01 लाख 20 हजार रुपये थी, वहीं उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय मात्र 43 हजार रुपये ही थी। वर्तमान राज्य सरकार के गठन के बाद उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 43 हजार रुपये से बढ़कर 70 हजार रुपये हो गयी है, अर्थात आय बढ़ाने में ओडीओपी ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। हुनर हाट और ओडीओपी आत्मनिर्भर भारत बनाने और रोजगार का बढ़िया माध्यम है। केन्द्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय ने हुनर हाट को अन्तर्राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है, जिसमें 05 हजार से अधिक कारीगर इस हुनर हाट से जुड़े हुए हैं।

केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हुनर हाट के माध्यम से दस्तकारी और शिल्पकारी को नई पहचान मिली है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी, कच्छ से लेकर कटक तक भारतीय परम्परागत उद्योगों को एक प्लेटफाॅर्म मिला है। हुनर हाट ने वैश्विक पहचान बनायी है। कई देशों ने अपने यहां हुनर हाट आयोजित करने के लिए प्रस्ताव भी भेजे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रदेश का समावेशी विकास कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में हुनर की काफी सम्भावनाएं हैं, इसलिए इसे हुनर हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।