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फफुंद लगा सड़ा चना, पानी मे भीगे हुए नमक, घटिया किस्म का चावल प्रशासन पंडो ग्रामीणों को परोस रहा, स्वास्थ्य से हो रहा खिलवाड़

फफुंद लगा सड़ा चना, पानी मे भीगे हुए नमक, घटिया किस्म का चावल प्रशासन पंडो ग्रामीणों को परोस रहा, स्वास्थ्य से हो रहा खिलवाड़


चंद्र प्रकाश साहू


सुरजपुर। 10 अगस्त 2021। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पंडो जनजाति के ग्रामीणों को बुनियादी सुविधा उपलब्ध नही हो पा रही है। जिला कलेक्टरों के प्रयास के बाद भी सुविधाएं इन तक पहुँचती हुई नही दिख रही है। जंगलों, पहाड़ों के प्राकृतिक वातावरण के बीच मे रहने वाले पंडो, आदिवासियों को सरकार की योजनाओं का लाभ नही मिलने पर भी प्रशासन शासन से कोई शिकवा शिकायत नही है। सुरजपुर जिले के पंडो नगर जहां राष्ट्रपति भवन है। जहां कभी देश के राष्ट्रपति के ठहरे थे उस गाँव के पंडो जनजाति बड़ी तादात में निवासरत है। बीते दिनों 'जनधारा' की टीम अपने ग्राउंड रिपोर्ट में देखा कि ग्राम पंडो नगर के पंचायत द्वारा संचालित शासकीय ऊचीत मूल्य की राशन दुकान में राशन लेने आये हुए है। यहां मिलने वाले खाद्यान्न गुणवत्ता विहीन और सड़ा हुआ था। रायपुर से सप्लाय हुआ लाल देसी खैरी चना पानी में भीगने के बाद सड़ कर काला हो रहा था। हर सरकारी राशन दुकान की तरह यहां भी नमक गिला ही था। इस घटिया सामग्री को लेकर शासकीय उचीत मूल्य दुकान के संचालक का कहना था कि बाहर से आया है। हम क्या कर सकते है। जो मिलता है लेना ही पड़ता है। 




जिले में पंडो विकास प्राधिकरण होते हुए भी इनकी वास्तविक स्थिति बदहाल है। राज्य और केंद्र की कई योजनाएं योजना वॉट्सऐप से पहुँच तो रही है। 'जनधारा' ने पिछली खबर में बताया था कि पंडो जनजाति के लोग नदी का पानी पीने को क्यो मजबूर है। 

सरकारी राशन दुकान से गुणवत्ता हीन  

अनाज सप्लाई के सम्बंध में खाद्य विभाग से उनका पक्ष जानने के लिए सम्पर्क करने की कोसिस की गई किन्तु सम्पर्क नही हो सका है।

यह भी जानना जरूरी है की सुरजपुर के पूर्व कलेक्टर दीपक सोनी ने पंडो जनजाति के शिक्षा आथिक, सामाजिक, स्तर में बदलाव लाने के लिए कुछ प्रयास किये थे। लॉकडाउन के दौरान जब कलेक्टर दीपक सोनी को ग्रामीणों के राशन की समस्या की जानकारी मिली तो पूरे एक दिन का सफर तय कर खुद गांव पहुंच गए और तत्काल राशन की दुकान खुलवाई थी। जनजाति के लोगो को खुद ही अपनी जनसंख्या सर्वे करने के लिए प्रेरित किया था।