केंद्र सरकार द्वारा जारी अध्यादेश किसान विरोधी-लक्ष्मीकांता हेमंत साहू

केंद्र सरकार द्वारा जारी अध्यादेश किसान विरोधी-लक्ष्मीकांता हेमंत साहू

धमतरी, 27 सितंबर। विधानसभा क्षेत्र कुरूद की छाया विधायक लक्ष्मीकांता हेमन्त साहू एवं जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष हेमंत साहू ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए केंद्र सरकार द्वारा जारी अध्यादेश को किसान विरोधी बताया है। उन्होंने कहा है कि भारत सरकार द्वारा लोकसभा में कृषि अध्यादेश से संबंधित तीन काले कानून पास हुए है-एक राष्ट्र एक बाजार, अनुबंध कृषि, आवश्यक वस्तु अधिनियम। एक राष्ट्र एक बाजार-हमारा भारत वर्ष कृषि प्रधान देश है, कृषि के सभी उत्पादों में हम आत्मनिर्भर बन चुके है। पिछले बीस वर्षों में सिंचाई के क्षेत्र में चाहे वह बांध से नहरों का निर्माण हो या बिजली के द्वारा विद्युत पम्पों का विस्तार हो भारी प्रगति देखने को मिला है। इसके साथ ही इन वर्षों में सामुहिक परिवार में अलगाव से जो बड़े किसान थे वे छोटे किसान होते चले गए, तीन से पांच एकड़ के किसान भाइयो की अधिकता हैं। ले दे के अपने जिला के अंदर ही किसान भाई अपनी उपज को बेच पाते हैं वे अन्य जिला या प्रदेश कहा जा पाएंगे। न ही संभव हैं व न ही क्षमता। अनुबंध कृषि-यहाँ पर देश के प्रत्येक नागरिक को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है क्योकि देश है तो हम है। अन्नदाता किसान है, तो जीवन हैं। किसी भी क्षेत्र में हम अनुबंध करते है तो स्वाभाविक रूप से नियम व कानून के उस दायरे में हम बंध जाते हैं। यहाँ पर गौर करने वाली बाते यह है कि यदि समान ताकतवर व्यक्ति अनुबंध करता है तो टक्कर बराबरी की होगी। यहाँ पर छोटे छोटे किसान भाइयों को बड़े व्यापारियों से करार की बात हो रही है। तो सामान्य ज्ञान की बात है किसान भाइयों का शोषण निश्चित है अवश्य संभावी है।

आवश्यक वस्तु अधिनियम संशोधन से कोई भी व्यापारी कितना भी हो अनाज अपने गोदाम में रख सकता हैं, इससे व्यापारी, किसानों से सस्ते दर पर खरीदेंगे व कृत्रिम अभाव पैदा करेंगे। कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा, जिसके कारण हमारे ही उपज को हमे ही अधिक दर पर खरीदना होगा। इससे बड़ी दुर्भाग्य की बात क्या होगी। यहाँ पर स्पष्ट है कि केंद्र की मोदी सरकार, व्यापारियों, बिचौलियों, बड़ी कारपोरेट कंपनियों को सीधे लाभ पहुंचाने का काम कर रही हैं। हम देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी को सीधा सुझाव देना चाहते हैं कि आप कही दिमाग न दौड़ाये। आप अपने ही देश के छत्तीसगढ़ राज्य जिसे धान का कटोरा कहा जाता है, वहाँ नजर टिकाये व आप हमारे छत्तीसगढ़ राज्य की कांग्रेसनीत भूपेश बघेल सरकार की धान खरीदी की नीति को आत्मसात करे व पूरे देश मे अनाज के सभी उत्पादों पर छत्तीसगढ़ की धान खरीदी की नीति को लागू करते हुए अध्यादेश लाये व कानून पास करे ताकी जो तरक्की छत्तीसगढ़ के किसान भाइयों की हो रही हैं, वही देश के सभी प्रदेशो के किसान भाइयों की हो व पूरे देश के अन्नदाता किसान भाई तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढे। हम भाजपानीत केंद्र के मोदी सरकार के तीनों अध्यादेश जो किसानों को गुलाम व गरीब बना देगी, उसका पुरजोर विरोध दर्ज करते हैं व सभी देशवासियों को किसान हित मे आगे आने हेतु अपील करते हैं।