गरीबों को लूट रहे सरकारी राशन दुकान संचालक, मिट्टी तेल और शक्कर में प्रत्येक कार्ड के पीछे ले रहे है 7 से 8 रुपये अतिरिक्त

गरीबों को लूट रहे सरकारी राशन दुकान संचालक, मिट्टी तेल और शक्कर में प्रत्येक कार्ड के पीछे ले रहे है 7 से 8 रुपये अतिरिक्त


सक्ती। लॉक डाउन की स्थिति में मजदूर और गरीब तबके के साथ साथ कोई भी व्यक्ति काम  नहीं कर रहा है, सब के सब घर मे है ऐसी स्थिति में  प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के द्वारा निर्णय लिया कि बीपीएल राशन कार्ड धारियों को चांवल शक्कर मट्टी तेल नमक 2 माह का एक साथ देने की घोषणा की गई जिसमें चावल निशुल्क तथा शक्कर कादर शासन द्वारा पारित किया गया की प्रति किलो ₹17 वही मिट्टी तेल ₹38 की दर से सभी हितग्राहियों को वितरण किया जाना है और साथ ही साथ उचित मूल्य की दुकानों में मिलने वाली वस्तुएं दो माह का एक साथ दिया जा रहा है। एक कार्ड में दो माह के राशन के नाम पर चांवल तो मुफ्त मिल रहा है लेकिन मिट्टी तेल और शक्कर का पैसा लिया जा रहा है, सरकारी भाव 38 रुपया मिट्टी तेल की जगह में 40 रुपया और 17 रुपया प्रति किलो शक्कर के जगह 20 रुपया प्रति किलो की दर से सभी राशन दुकान संचालकों द्वारा लिया जा रहा है। अगर राशन संचालकों से पूछे तो उनका कहना है कि चिल्हर कहाँ से लाये जबकि दो माह के राशन में तेल और शक्कर का 72 रुपया होता है लेकिन दुकान संचालक 80 रुपया ले रहा है। अगर एक दुकान में 1000 कार्ड धारी है तो दुकान संचालक को सीधे सीधे 8 हजार का शुद्ध फायदा हो रहा है।