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माओवाद से तौबा कर ली दम्पत्ति ने किया पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण

माओवाद से तौबा कर ली दम्पत्ति ने किया पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण

बीजापुर ।  पुलिस अधीक्षक  कमलोचन कश्यप के मार्ग दर्शन में  जिले में चलाए जा रहे माओवादी उन्मूलन अभियान के तहत् आसपास पुलिस के बढ़ते दबाव व माओवादियों की समर्पण नीति के व्यापक प्रचार प्रसार से गंगालूर एरिया कमेटी के माओवादी दम्पत्ति  कोरसा अनिता पति कोरसा लच्छु उम्र 29 वर्ष निवासी जप्पेल्ली कांड़कापारा थाना नैमेड़ जिला बीजापुर(के.ए.एम.एस. सदस्या ) व कोरसा लच्छु पिता कोरसा पाण्डू उम्र 32 वर्ष निवासी जप्पेल्ली कांड़कापारा थाना नैमेड़ जिला बीजापुर(जप्पेली कांडकापारा मिलिशिया प्लाटून सेक्शन कमाण्डर) ने आज दिनांक 12.06.2021 को पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ0पंकज शुक्ला, उप पुलिस अधीक्षक  आशीष कुंजाम के समक्ष माओवादियो की खोखली विचारधारा, जीवन शैली, भेदभाव पूर्ण व्यवहार एवं प्रताडऩा से तंग आकर तथा छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण  किया ।

माओवदी संगठन में रहने के दौरान वर्ष 2002 में गंगालूर सीएनएस अध्यक्ष दिनेश मोडियाम के द्वारा सीएनएम सदस्य के रूप में संगठन में भर्ती किया । 2008 में संगठन के अनिता हपका के साथ विवाह किया । वर्ष 2010 में जनताना सरकार अध्यक्ष सुक्की पूनेम के द्वारा जप्पेली कांडकापारा का जीआरडी सदस्य के रूप में कार्य सौंपा गया । वर्ष 2016 में मिलिशिया सदस्य का कार्य दिया गया । वर्ष 2019 में  मिलिशिया प्लाटून सेक्शन कमाण्डर के पद पर पदोन्नत किया गया ।

संगठन में रहने के दौरान वर्ष 2005 में कैका-कडेर मार्ग पर रोड निर्माण कार्य में लगे 02 ट्रेक्टर में आगजनी की घटना में शामिल ,वर्ष 2017-18 में नैमेंड बाजार में सहायक आरक्षक तेलम मरूम की हत्या में शामिल, वर्ष 2020 में गदामली पुलिया के पास रोड को जगह-जगह पर गडढा कर मार्ग अवरूद्ध करने, अप्रेल 2021 में मिनगाचल वाटर प्लांट में लगे वाहनों की आगजनी में शामिल ,वर्ष 2021 में नैमेड़ गागरूपारा में 01 पुलिस जवान की हत्या में शामिल था ।कोरसा अनिता पति कोरसा लच्छु  जप्पेल्ली कांड़कापारा थाना नैमेड़  के द्वारा संघटन में रहते हुए
वर्ष 2003 में ग्राम नैमेड़ मिलिशिया कमाण्डर रमेश पूनेम के द्वारा घुमरा का बाल संघम के पद पर संगठन में शामिल किया । वर्ष 2010 में जप्पेली कांडकापारा केएएमएस सदस्य का कार्य दिया गया ।

गांव गाव में महिला संगठन के साथ मिलकर मिटिंग लेकर महिलाओं को संगठन में जोडऩे का कार्य कीया था। माओवादियों दम्पति द्वारा संगठन में  माआवादियों की विचारधारा, जीवन शैली एवं भेदभाव पूर्ण व्यवहार से त्रस्त होकर, खुशहाल जीवन के लिए भारत के सविधान में विश्वास रखते हुये, छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर पुलिस के समक्ष समर्पण किया गया । समर्पण करने पर इन्हें उत्साहवर्धन हेतु शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत् रू 10000-10000/- (दस हजार रूपये) नगद प्रोत्साहन राशि प्रदाय किया गया।