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आंदोलनकारी किसानों पर अत्याचार मोदी के किसान हितैषी होने के दावों की खोली पोल- अधिवक्ता शत्रुहन साहू

आंदोलनकारी किसानों पर अत्याचार मोदी के किसान हितैषी होने के दावों की खोली पोल- अधिवक्ता शत्रुहन साहू

धमतरी , 5 जनवरी।  राष्ट्रीय किसान मोर्चा एवं राष्ट्रीय मतदाता जागृति मंच ने कृषि बिल का विरोध कर रहे किसानों पर सरकार द्वारा दमन तेज करने की कड़ी निन्दा की है। किसान मोर्चा के विधिक सलाहकार अधिवक्ता शत्रुहन  साहू, संजय चंद्राकर जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय मतदाता जागृति मंच, टिकेश्वर साहू जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय किसान मोर्चा ने संयुक्त रूप से प्रेस नोट जारी कर कहा है कि तीनों कृषि कानून की वापसी और समर्थन मूल्य की गारंटी देने वाली कानून की मांग को लेकर चल रहे किसान आंदोलन को कमजोर करने केंद्र सरकार के द्वारा लगातार दमनकारी नीति अपनाई जा रही है। 

इसका उदाहरण  शाहजहापुर से शांतिपूर्वक ढंग से दिल्ली की ओर जा रहे किसानों को रेवाड़ी में रोका गया। उन पर आंसू गैस के गोले दागे गये और मिर्च का पाउडर छिड़का गया। इससे कई किसानों की आंखों व चमड़े जल गई, वहीं भाजपा सांसद का विरोध कर रहे केकेयू कार्यकर्ताओं पर बर्बर ढंग से लाठी चार्ज किया गया जिसमें एक कार्यकर्ता गम्भीर रूप से घायल हो गया, तथा मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में लोगों की विरोध सभाओं को रोकने के लिए राज्य सरकारें कोरोना प्रसार के बहाने से धारा 144 का आलोकतांत्रिक व गैरकानूनी इस्तेमाल कर रही हैं, जबकि सरकार तथा भाजपा की सभी रैलियां - सभाएं चलने दिये जा रहा हैं जो किसानों के साथ खड़े रहने के मोदी के दावों  की पोल खोल रही है, इसीलिए केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा किसान आंदोलन को कमजोर करने के लिए दमनकारी नीति चलाते हुए किसानों पर अत्याचार कर रहे हैं। 

इससे लोगों में गुस्सा तेजी से भड़क रहा है और अगर यह नहीं रुका तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा भाजपा सरकार की किसान विरोधी दमनकारी नीति का हम घोर निंदा करते हुए मांग करते हैं कि तत्काल तीनों कृषि कानून को वापस लेकर किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने वाली कानून पास करें।