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युवा खेल प्रोत्साहन योजना में भ्रष्टाचार की आशंका,जांच की मांग

युवा खेल प्रोत्साहन योजना में भ्रष्टाचार की आशंका,जांच की मांग

संजय सोनी भानुप्रतापपुर

भानुप्रतापपुर।   जनपद पंचायत  दुर्गुक़ोंदल के पूर्व सीईओ एवं उनके कुछ कर्मचारियों के द्वारा नियमो के खुलेआम धज्जियां उड़ाये जा रहे है। इनके कार्यकाल पर कोरोना काल के दरम्यान कई पंचायतों में स्वामी विवेकानंद युवा खेल प्रोत्साहन योजना के नाम से 50=50 हजार राशि खेल के नाम से निकाल कर शासन की लाखो राशि का बंदरबांट किये जाने की बात सामने आ रही है। सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगे जाने पर जानकारी न देकर  गुमराह किया जाता है।

 कोरोना महामारी से वर्ष 2020 एवं वर्ष 2021 कैसे बीता है यह शायद किसी को बताने की आवश्यकता नही है। लोगो मे दहशत चारो तरफ लॉकडाउन कि स्थिति थी दुर्गुक़ोंदल ब्लाक भी इससे अछूता नही रहा है। वही पूर्व सीईओ के एल फाफा के द्वारा इसी दरम्यान मार्च माह में कई पंचायतो में सेटिंग करते हुए युवा खेल के नाम से 50=50 हजार रुपये निकले गए। इस सम्बंध में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जनपद पंचायत दुर्गुक़ोंदल में कार्य स्वीकृति आदेश सहित निम्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई तो जानकारी देने के बजाय उनके द्वारा गुमराह करते हुए पंचायतों से जानकारी लेने की बात कही जा रही है। शायद अधिकारी व कर्मचारी को मालूम होना चाहिए कि कार्य स्वीकृति आदेश सरपंच नही बल्कि सीईओ जारी करता है, भला सरपंच कैसे जानकारी देंगे। यदि खेल के नाम से राशि जारी किया गया है तो खेल प्रतियोगिता से संबंधित फोटोग्राफ, प्रतिभागियों की सूची व इससे संबंधित खर्च के बिल भाऊकर इत्यादि का दस्तावेज जनपद कार्यालय में होनी चाहिए। इसके बावजूद पंचायतों में जानकारी लेने की बात कहे जाना गलत है। शायद इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है या तो खेल प्रतियोगिता हुआ ही नही है या फिर कार्यलय में दस्तावेज नही होंगे।

 आवेदक को किया जाता है बेवजह गुमराह 

इनके अलावा जनपद पंचायत कार्यालय में शासन के नियमो को दर किनार करते हुए सीईओ एवं पदस्थ कर्मचारियों का अपना नियम चला रहे है। यदि भूलवश भी जनपद पंचायत  दुर्गुक़ोंदल में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जनपद पंचायत से जानकारी चाहेंगे तो वहाँ से जानकारी नही दिया जाता है, बल्कि आपको गुमराह किया जाता है। यहा के अधिकारी व कर्मचारी के द्वारा अपील सुनवाई के एक दिन पूर्व ही पत्र को डाक विभाग के माध्यम से रजिस्ट्री किया जाता है ताकि आवेदन को पत्र समय पर न मिल सके, जनपद से दो बार पत्र भेजते है उसके बाद आवेदन को निरस्त कर दिया जाता है। बता दे कि रजिस्ट्री करे या फिर स्पीड पोस्ट कम से कम तीन से चार दिन का समय लगता ही है, लेकिन इनके द्वारा जानबूझ कर देर से पोस्ट कर आवेदक को गुमराह व परेशान किया जाता है। 

 जनपद पंचायत में कई योजना संचालित 

बतादे कि जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम व ग्रामीणों से संबंधित होने के कारण प्रतिवर्ष कई योजनाएं संचालित की जाती है,जिनमे लाखो नही करोड़ों खर्च किये जाते है। पर उन योजनाओं का सही क्रियान्वयन व आम जनता को लाभ मिल रहा है कि नही यह भी जांच का विषय बना हुआ है।

 सूचना के अधिकारी जा नियम 

शासकीय कार्यो में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ही केंद्र व राज्य शासन द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम लागू किया गया है, ताकि इनके माध्यम से चाही गई जानकारी कोई भी व्यक्ति ले सकता एवं कार्यों में गुणवत्ता बनी रहे।

 पूर्व सीईओ के कार्यकाल के सूक्ष्मता से जांच होनी चाहिए 

 पूर्व सीईओ के कार्यकाल के तहत  ब्लाक के समस्त पंचायत व दुर्गुक़ोंदल में कई कार्य किये गए है। यदि सूक्ष्मता जांच किये जाने से कई मामले उजागार हो सकती है।