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बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से उपभोक्ता परेशान: परवेज अहमद

बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से उपभोक्ता परेशान: परवेज अहमद

विवेक मिश्रा/ राजनांदगांव। शहर सहित जिले में बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते बिना रीडिंग लिए विभाग द्वारा अनाप - शनाप बिल देकर उपभोक्ता को अधिक भुगतान के लिए मजबूर किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश सदस्य परवेज बिल में राशि जरूरत से ज्यादा अंकित होता है। बिजली का खपत कम होने के बावजूद भी बिजली बिल में राशि का विवरण उपभोक्ता को ज्यादा देना होता है। बिल में अनेक प्रकार के त्रुटियां देखना आज के समय मे आम बात हो गया है, जिसे लेकर बिजली विभाग के लापरवाही के कारण उपभोक्ता को हर माह परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

वही सीएसईबी बिजली विभाग के द्वारा मीटर रीडिंग का काम ठेकेदारों को दिया गया है, लेकिन ठेका पद्धति होने से मीटर रीडिंग का काम सही नहीं होता है। ठेकेदारों द्वारा बिना रीडिंग लिए अनाप- शनाप औसत रीडिंग विभाग को दे रहे हैं। इसका खामियाजा घरेलू उपभोक्ता सहित आमजन को भुगतना पड़ता है, इसका भी श्रेय बिजली विभाग को ही जाता है। 

इसी प्रकार मीटर रीडिंग को लेकर बिजली विभाग अब-तक उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने में असमर्थ है। मीटर रीडिंग हर माह बिजली विभाग के द्वारा सुचारू रूप और सही तरीके से कराना चाहिए और उनकी सही जानकारी उपभोक्ताओं को देना चाहिए, जिससे बिजली का बिल आने पर उपभोक्ता मीटर रीडिंग और राशि का मिलान स्वयं करके संतुष्ट हो सके ऐसी व्यवस्था बिजली विभाग के द्वारा होना चाहिए। तभी लोगों को मीटर रीडिंग और बिजली बिल की समस्या से निजात मिल सकता है। 

अहमद ने आगे बताया कि बिजली विभाग के द्वारा घरेलू बिजली दरों में लगातार वृद्धि करके उपभोक्ताओं को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, इसके बावजूद भी उपभोक्ताओं को सही सुविधा विभाग के द्वारा नहीं मिल पा रहा है, बिजली विभाग के द्वारा सही बिजली बिल, सही मीटर रीडिंग और थ्री फेस मीटर के लिए उपभोक्ताओं को बिजली विभाग के दफ्तर का चक्कर काटने को मजबूर है।

घरेलू उपभोक्ताओं के परेशानियों को देखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा बिजली विभाग के अधिकारियो के ऊपर उचित कार्यवाही करना चाहिए तभी घरेलू उपभोक्ताओं को इसका सही लाभ मिल पाएगा। अहमद पप्पू ने बताया कि बिजली विभाग के द्वारा घरेलू उपभोक्ता सहित आम जनता को ठगने का काम कर रही है, वहीं उपभोक्ता को अनाप - शनाप बिल भेजते हैं, जबकि बिल में राशि असली रीडिंग लेते हुए औसत रीडिंग के हिसाब से लिखा रहता है, उपभोक्त जिससे काफी परेशान है।