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ड्यूटी के दौरान शिक्षक की बर्बरता से पिटाई : क्या पुलिस जवान को लज्जा नही आई , संक्रमण से 1200 से अधिक शिक्षकों की मृत्यु से आक्रोशित हैं प्रदेश

ड्यूटी के दौरान शिक्षक की बर्बरता से पिटाई : क्या पुलिस जवान को लज्जा नही आई , संक्रमण से 1200 से अधिक शिक्षकों की मृत्यु से आक्रोशित हैं प्रदेश

रायपुर । प्रदेश के वनांचल जिला दंतेवाड़ा से एक पुलिस जवान द्वारा कोरोना ड्यूटी कर रहे शिक्षक की सरेआम डंडे से पिटाई करने का मामला प्रकाश में आया है,जिसे सुनकर प्रदेश के समस्त शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ सहित प्रदेश के समस्त शिक्षक संगठनों ने समवेत स्वर में इस घटना की कड़ी निंदा की है और इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी प्रशासन को दी है। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने शिक्षक का अपमान करने वाले पुलिस जवान पर कठोर कार्यवाही करने की मांग की है। वही उन्होंने कोविड 19 ड्यूटी निभा रहे शिक्षकों की कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश कर्मचारियों में सर्वाधिक संख्या में हुई असामयिक मृत्यु पर चिंता व्यक्त करते हुए समस्त शिक्षकों के 50 लाख बीमा,सुरक्षा संसाधन व अन्य कोरोना वारियर्स को मिलने वाले लाभ को प्रदान करने की मांग की।


छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के दंतेवाड़ा जिलाध्यक्ष सन्तोष मिश्रा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दंतेवाड़ा जिले के आलनार शासकीय प्राथमिक शाला पदस्थ सहायक शिक्षक विजेंद्र गुप्ता की कोविड19 कार्य हेतु ड्यूटी लगाई गई है,अन्य शिक्षक साथी को कोविड 19 ड्यूटी पास देने के दौरान ही पुलिस के एक जवान ने शिक्षक विजेंद्र गुप्ता की लाठी डंडों से बुरी तरह पिटाई कर दी जिसके कारण शिक्षक विजेंद्र गुप्ता को काफी चोंटे आई है।शिक्षकों को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली वे आक्रोशित हो गए और छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ, टीचर एसोसिएशन, सहायक शिक्षक फेडरेशन के नेतृत्व में कलेक्टर और एस पी से मिलकर कोविड ड्यूटीरत शिक्षक का सरेआम अपमान करने वाले पुलिस जवान पर कड़ी कार्यवाही करने की की जिस पर कलेक्टर और एस पी ने घटना पर खेद व्यक्त करते हुए पुनरावृत्ति न होने का आश्वासन दिया।


संगठन के प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा व प्रदेश मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने प्रदेश के शिक्षकों की कोविड 19 ड्यूटी/मोहल्ला क्लास दौरान संक्रमित होकर पिछले दिनों जारी सरकारी आंकड़ों में सर्वाधिक 370 शिक्षा विभाग के शिक्षक/कर्मचारियों की मृत्यु का मामला उठाते हुए कहा कि ये पुराने आंकड़े है जबकि मोहल्ला क्लास/कोविड ड्यूटी करते हुए अब तक कोरोना संक्रमण के चलते लगभग 1200 से अधिक शिक्षकों की मृत्यु हो चुकी है और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश का शिक्षा विभाग अपने शिक्षक व कर्मचारियों की इतनी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने के पश्चात भी 50 लाख बीमा कवर,सुरक्षा संसाधन व अन्य कोरोना वारियर्स लाभ देने व गैर शैक्षणिक कार्यो से रखने की मांग पर चुप्पी साधे बैठा है,हमारी सुध नही ले रहा,जबकि अन्य विभाग ने अपने कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए कोरोना ड्यूटी करने वाले को कोरोना वारियर्स का दर्जा देते हुए बीमा कवर किया है व लाभ दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने उक्त मांगो को लेकर महामहिम राज्यपाल,मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंप चुके हैं व विभिन्न मंचो में लगातार इसे उठाते आये हैं।


कोरोना संक्रमण से अपने शिक्षक साथियो की मृत्यु से व्यथित प्रदेश के समस्त प्रांतीय पदाधिकारी,जिला पदाधिकारी, ब्लाक व संकुल पदाधिकारियों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि सभी कोरोना संक्रमित दिवंगत शिक्षक साथियो के आश्रितों को 50 लाख का मुआवजा व तत्काल अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किया जावे,इसी तरह संविलियन से पूर्व दिवंगत पंचायत शिक्षक के  आश्रितों को भी अनुकम्पा नियमो में शिथिल करते हुए अविलम्ब अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की जावे । शिक्षकों की ड्यूटी गैर शैक्षणिक कार्यो में न लगाई जावे। जिन शिक्षकों की ड्यूटी कोविड 19 कार्यो में लगी है उनकी 50 लाख बीमा कवर व अन्य लाभ सहित सुरक्षा संसाधन दिया जावे।