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बारदानाः कुशल कारीगरों की कमी का संकट..प्रतिदिन मजदूरी में जोरदार इजाफा

बारदानाः कुशल कारीगरों की कमी का संकट..प्रतिदिन मजदूरी में जोरदार इजाफा


राजकुमार मल

भाटापारा- बारदाना के बाद, अब कुशल कारीगरों की कमी का संकट सामने आने लगा है। ऐसे में बाजार की मांग को पूरी करने में जुटे, सेकंड हैंड जूट बैग मार्केट की सांस उखड़़ती नजर आती है। असर शार्ट सप्लाई और तेज कीमत के रूप में कभी भी देखने में आ सकता है।

समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के पहले ही दौर में बारदाना संकट, जैसा फैलाव ले रहा है उसके बाद सेकंड हैंड जूट बैग मार्केट पर मांग का दबाव लगातार बढ़ रहा है। कीमत तो जरूरत को देख कर ली जा रही है, साथ ही भंडारण जैसी जानकारियां भी सामने आने लगीं हैं। इन सभी ने मिलकर, संकट को बढ़ाने में भरपूर मदद की हुई है। अब एक नए संकट का सामना यह क्षेत्र कर रहा है । शायद यह पहला मौका होगा, जब पुराने जूट बैग की मरम्मत करने वाले कुशल हाथों की कमी महसूस की जा रही है। जी हां, यह सच है कि अब कुशल कारीगर खोजने पर भी नहीं मिल रहे हैं।

यह बदलाव पहली बार

समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के पहले, जब तैयारियां चालू हुईं, उसी समय यह क्षेत्र, बारदाना संकट को भांप चुका था। इसलिए उसने अपनी तैयारियां पहले से ही चालू कर दी थी। खाद्य पदार्थों का उत्पादन करने वाली यूनिटों में पुराने बारदाने की मरम्मत का काम, पहली बार लघु उद्योग के रूप में खड़ा होने लगा। आज यह अपने संपूर्ण रूप में सभी के सामने हैं। अच्छी बात यह रही कि इस परिवर्तन से उन हाथों की पहली बार महत्ता बढ़ी, जो इनका हुनर रखतें हैं।

पहली बार यह मजदूरी

 कारोबारी सूत्रों के मुताबिक पुराने जूट बैग की मरम्मत करने वाले कारीगरों को पहली बार 550 से 650 रुपए प्रतिदिन की मजदूरी दी जा रही है। यह मजदूरी दिए जाने के बाद भी कुशल हाथों की बेतरह कमी बनी हुई है क्योंकि किसान और बाजार की मांग, रोज बढ़़त लेती नजर आ रही है। इसके अलावा स्टॉकिस्टो की भी मांग  निकली हुई है।

 दिन में 500 बारदाने 

 जूट के पुराने बारदाने  का काम करने  वालों का कहना है कि 3 से 5 कारीगर मिलकर लगभग 500 बारदानों को उपयोग के लायक बना रहे हैं। यह संख्या कुछ कम जरूर है लेकिन इसे ज्यादा नहीं किया जा सकता क्योंकि मशीनों की मदद नहीं ली जा रही है।


है यह कीमत

ल्ड जूट बैग मार्केट में, हाथों से मरम्मत किए गए बारदाने, मांग और जरूरत के हिसाब से विक्रय किए जा रहे हैं। बाजार सूत्रों के मुताबिक इस समय ऐसे बारदाने 20 रुपए से 35 रुपए प्रति नग की दर पर विक्रय किए जा रहे हैं। इसमें तेजी के संकेत मिल रहें  हैं।