breaking news New

खुलासा:- सन 1975 से अब तक कई बड़े उद्योगपति, बिल्डर्स, और होटल मालिकों ने नही पटाया बिजली का बिल 4 सौ 7 करोड़ 42 लाख 46 हजार से अधिक की राशि का बिजली बिल बकाया

खुलासा:- सन 1975 से अब तक कई बड़े उद्योगपति, बिल्डर्स, और होटल मालिकों ने नही पटाया बिजली का बिल  4 सौ 7 करोड़ 42 लाख 46 हजार से अधिक की राशि का बिजली बिल बकाया

चमन प्रकाश केयर

रायपुर | एक तरफ जहाँ आम लोगों का बिजली बिल की भुगतान महज दो या तीन महीने नहीं पटाने पर विभाग का उड़नदस्ता अमला सीधे कनेक्शन कटाने आ धमकते है, वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के एक सौ 41 बड़े- बड़े उद्योगपतियों और कंपनी के मालिकों ने वर्ष 1975, 1986, 1990, 1991, 1992 से लेकर 2021 तक में बिजली बिल का भुगतान नही किये हैं | देखा जाए तो 46 वर्ष बीत जाने के बाद भी इन उद्योगपतियों और कंपनी के मालिकों ने बिजली विभाग के करोड़ों रूपये के बिल भुगतान नहीं करने के बाद भी धडल्ले से संचालित कर रहे हैं |  इसे लेकर बिजली विभाग के अधिकारीयों पर निजी कम्पनियों के मालिकों के साथ सांठगाठ कर संरक्षण देने बात कही जा रही हैं | इतना ही विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारीयों की कार्यप्रणाली पर भी कई तरह से सवाल उठाये जा रहे हैं |

 

आज की जनधारा को मिली दस्तावावेजों के मुताबिक कई ऐसे कंपनी मालिक हैं जिन्होंने दस लाख से लेकर करोड़ों रूपये के बिजली बिल का भुगतान नही किये हैं | इनमें वर्ष जून 1975 से मेसर्स महाकौशल रि- रोलिंग उरला का बकाया बिजली बिल 12 लाख 65 हजार, इसी तरह से वर्ष मई 1986 से मेसर्स एम. पी. एलाय कास्टिंग बिलासपुर का 28 लाख 48 हजार, वर्ष 1990 से मेसर्स बाल्को स्मेल्टर प्लांट कोरबा का एक करोड़ आठ लाख 43 हजार, वर्ष मई 1992 मेसर्स एलायड स्टील लिमिटेड रायपुर का 85 लाख 32 हजार, एवं  मेसर्स रायपुर स्टील मोल्डिंग उरला का 32 लाख 64 हजार, वर्ष 1996 से मेसर्स सिंघानिया स्टील लिमिटेड उरला रायपुर का 32 लाख 28 हजार रूपये के बिलों का भुगतान नही किये हैं |

 

इसी प्रकार वर्ष 2013 से लेकर जनवरी 2021 तक में श्री बजरंग पवार एंड इस्पात लिमिटेड बोरझरा रायपुर का 17 करोड़ 85 लाख 49 हजार, मेसर्स बजरंग पवार एंड इस्पात लिमिटेड टीएमटी डिविजन उरला रायपुर का एक करोड़ 33 लाख 37 हजार, मेसर्स गोयल एंड एनर्जी स्टील प्राइवेट लिमिटेड टाटीबंध रायपुर का 13 करोड़ 18 लाख 20 हजार, मेसर्स गोयल एंड एनर्जी स्टील प्राइवेट लिमिटेड बोरझरा 12 करोड़ 87 लाख 71 हजार, मेसर्स वन्दना ग्लोबल लिमिटेड सिलतरा का 41 करोड़ 27 लाख 47 हजार, मेसर्स एस के एस इस्पात सिलतरा का सात करोड़ सात लाख दो हजार, का बकाया हैं | इसके अलावा राजधानी के कई नामी बिल्डरों जिनमें मेसर्स सिंघानिया बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड उत्तर रायपुर  का 13 लाख 68 हजार, आरसीपी इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड का 16 लाख 94 हजार, प्रार्थिवी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड 10 लाख 78 हजार, होटल बेबीलोन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड का 46 लाख सात हजार रूपये राशि भुगतान नही किये हैं |

 

विद्युत विभाग में एक सौ 28 उच्चदाब वाले उपभोक्ताओं से कुल राशि चार सौ चार करोड़ 76 लाख 26 हजार वसूली की जानी हैं | इसी तरह से निम्नदाब वालों कुल तेरह उपभोक्ताओं का दो करोड़ 65 लाख 88 हजार रूपये बकाया हैं | दस्तावेजों के मुताबिक वर्ष 1975 से लेकर पांच फरवरी 2021 तक उच्चदाब - निम्नदाब दोनों के कुल बिजली बिल बकाया राशि चार सौ सात करोड़ 42 लाख 14 हजार रूपये हैं | हालंकि 35 उपभोक्ताओं ने पांच फरवरी 2021 से 25 फरवरी 2021 तक में 14 करोड़ 57 लाख रूपये का भुगतान कर दिए हैं | वहीं बिजली विभाग ने 77 करोड़ 49 लाख रूपये बकाया राशि वसूलने के लिए 38 कंपनियों पर कार्यवाही करते हुए स्थाई तौर पर विद्युत विच्छेद किये हैं |

 

जिन उपभोक्ताओं के खिलाफ़ कार्यवाही किये हैं उनमे से 22 लोगों को आर सी सी फार्म जारी किया गया हैं यानी विभाग द्वारा विद्युत विच्छेद के बाद ‘’सी” फार्म जारी किया जाता हैं इसके बाद सम्बन्धित विभागीय जिला अधिकारी द्वारा आर सी सी फार्म जारी किया गया हैं | वहीं सात करोड़ 32 लाख रूपये बकाया वाले पन्द्रह उपभोक्ताओं को “सी” फार्म यानी स्थाई विद्युत विच्छेद के बाद जारी किया गया हैं, एवं 10 लाख रूपये बकाया वाले उपभोक्ता के खिलाफ़ “बी” फार्म जारी किया गया हैं यानी स्थाई विद्युत विच्छेद के बाद बी फार्म जारी किया गया हैं | हालंकि विभाग द्वारा की गई कार्यवाही के खिलाफ़ 30 उपभोक्ताओं ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया हैं | वहीं विभागीय अधिकारीयों के मुताबिक जिन उपभोक्ताओं ने बिजली बिल का भुगतान नही किये उनसे प्रतिमाह 1.5 प्रतिशत की दर से अधिभार लिया जायेगा |

सन 1975 से लेकर वर्ष 2000 तक मध्यप्रदेश राज्य के शासनकाल में कई पार्टियों की सरकारें बनी इसके बाद नवम्बर 2000 में छत्तीसगढ़ अलग हुए आज 21 वर्ष पूरा होने जा रहा हैं कांग्रेस और भाजपा की सरकारें बनी लेकिन कुल 46 वर्षों में कई सौ करोड़ रूपये बिजली का बकाया राशि वसूलने में पार्टी सहित प्रशासनिक अमला की हाँथ-पांव फुल गये हैं

 

वर्सन,

सन 1975 से लेकर 2021 तक के उपभोक्ताओं का बिजली बिल के बकाया राशि चार सौ सात करोड़ 42 लाख के बारे में मुझे कोई जानकारी नही है । फिलहाल मैं छुट्टी पर हूँ दो तीन दिनों बाद ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद और उक्त प्रकरण के दस्तावेज देखने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा ।

 

विकास गुप्ताचीफ एक्सयूकेटिव राजस्व विभाग , छ.ग. पवार वितरण कंपनी