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भारत का संविधान विश्व का सबसे लंबा व लिखित संविधान - भोजराम मनहरे

भारत का संविधान विश्व का सबसे लंबा व  लिखित संविधान  - भोजराम मनहरे

रायपुर।  प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज युवा प्रकोष्ठ द्वारा संत कुमार नवरंगे नगर अध्यक्ष के नेतृत्व में गुरु छाया भवन नगर  खरोरा  में भारतीय संविधान दिवस आयोजित किया गया। सर्वप्रथम बाबा गुरु घासीदास  की मंगल आरती कर डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर जयघोष के साथ संविधान की प्रस्तावना/ उद्देशिका का वाचन श्यामसुंदर बांधे वरिष्ठ सेवानिवृत्त व्याख्याता द्वारा किया गया कार्यक्रम में,भोजराम मनहरे प्रदेश सचिव प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज युवा प्रकोष्ठ, पी .डी. कोसले सेवानिवृत्त विकास खंड शिक्षा अधिकारी व दौवाराम बंजारे शिक्षक ,उबारन दास भारती सामाजिक कार्यकर्ता के  आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। सभी अतिथियों का स्वागत करतल ध्वनियों के साथ संत नवरंगे के द्वारा  किया गया ।

कार्यक्रम का प्रारंभ  भोजराम मनहरे प्रदेश सचिव के द्वारा संविधान के उद्देश्य, प्रस्तावना ,मौलिक अधिकारों ,कर्तव्यों व संविधान के मूल शब्दों संप्रभुता, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष ,लोकतांत्रिक, गणराज्य, न्याय ,स्वतंत्रता, समानता, भाईचारा जैसे शब्दों पर प्रकाश डालते हुए भारत के संविधान को विश्व के सबसे लंबा व लिखित संविधान बताया व दलित शोषित लोगों को न्याय व समानता का अधिकारो  के बारे में जानकारी देते हुए संविधान के मूल भावनाओं के विपरीत हो रहे संशोधनो  पर  चिंता जाहिर किया उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया संविधान को 26 नवंबर 1949 को अपनाने व 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ व डॉ. अंबेडकर  के 125 वी जयंती वर्ष में पहली बार देश में 26 नवंबर 2015 को संविधान दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था।

वही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पी .डी. कोसले सेवानिवृत्त विकास खंड शिक्षा अधिकारी ने संविधान को हर वर्ग के लिए बेहतर बताया और संविधान के द्वारा ही हर वर्ग विशेष के समानता के लिये डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का  ऋणी बताया हैं और कहा की हमे उनके बताए हुए शिक्षित बनो, संगठित रहो और फिर संघर्ष करो जैसे सिद्धान्तों  का आत्मसात करना चाहिए ।

दौवाराम बंजारे शिक्षक ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए सभी वर्गों का मान - सम्मान व अधिकार संविधान निर्माता के द्वारा ही मिलना बताया व उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का सबको आह्वान किया। कार्यक्रम को  श्याम सुंदर बांधे सेवानिवृत्त वरिष्ठ व्याख्याता ने प्रस्तावना के वाचन पश्चात डॉ.भीम राव  अंबेडकर को महान विद्वान व सामाजिक विचारक बताते हुए संविधान के संशोधन को संविधान के साथ खिलवाड़ तथा संविधान के भाग ,अनुच्छेद  व अनुसूची को विस्तार से बताया ।

कार्यक्रम को उबारन दास भारती समाजिक कार्यकर्ता ने संबोधित करते हुए संविधान को गुरुओं से प्रभावित होकर रचित व गुरु और राजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक समानता व राजतंत्र को परिभाषित किया । कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार प्रदर्शन संत नवरंगे नगर अध्यक्ष  खरोरा प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज युवा प्रकोष्ठ ने किया। 

भारतीय संविधान दिवस अवसर पर डॉ. गौतम खरोरा परिक्षेत्र  संरक्षक, ओमप्रकाश कोसरिया रायपुर जिला ग्रामीण उपाध्यक्ष, सुधीर बांधे जिला रायपुर ग्रामीण महामंत्री, खूबी डहरिया  रायपुर जिला ग्रामीण कोषाध्यक्ष, डागेश्वर भारती  रायपुर जिला ग्रामीण मीडिया प्रभारी ,डॉ. तोरण गिलहरे रायपुर जिला संगठन मंत्री, नोहर टंडन शिक्षक,मोहर दास टंडन ,कामता प्रसाद जोशी ,संतुराम जांगड़े,चित्रकुमार ढीढी, सखाराम कोशले, कमलेश  ,रामसिंह ,गोपीधृतलहरे,धन्नू खुटे  पिंकी कुर्रे, लालिमा गायकवाड़ आदि लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।