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नवीन पीढ़ी के नैतिक और आध्यात्मिक हास् को रोकने के लिए प्रोजेक्ट गुरुकुल ने ऑनलाइन शिक्षा पद्धति की शुरुआत

नवीन पीढ़ी के नैतिक और आध्यात्मिक हास् को रोकने के लिए प्रोजेक्ट गुरुकुल ने ऑनलाइन शिक्षा पद्धति की शुरुआत

रायपुर। फिल्मी दुनिया में लोग जहां ग्लैमर और मसाला फ़िल्मों की तरफ भागते हैं, वहीं एक दशक से भी अधिक समय से थिएटर और फिल्म उद्योग में सक्रिय आर्टिस्ट भीम जायसवाल ने नवीन पीढ़ी के नैतिक और आध्यात्मिक हास् को रोकने के लिए प्रोजेक्ट गुरुकुल नामक ऑनलाइन शिक्षा पद्धति की शुरुआत की।

जिसमें जूम एप्प के माध्यम से 5 से 18 वर्ष के बच्चों को अध्यात्म की साप्ताहिक शिक्षा दी जाती है। यह शिक्षा सत्र जुलाई में शुरू हुआ था, जब covid की वजह से स्कूल बंद थे। जिसके कारण बच्चों ने खूब बढ़ चढ़कर इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस शिक्षा पद्धति के तहत प्राचीन शिक्षा जो गुरुकुल में संचालित होती थी, उसकी शिक्षा दी जाती हर कालखंड मे नए विषय होते हैं। 

अब तक हवन पद्धति, ब्रह्मांडीय ऊर्जा, मंत्र चिकित्सा, गीता सार, ध्यान और समाधि, पुरुषार्थ, सप्तर्षि तारामंडल जैसे गूढ़ विषयो को कवर किया गया है। हर विषय के लिए नए एक्सपर्ट होते हैं, हर बार नए panelist का साक्षात्कार किया जाता है। इस गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था से छत्तीसगढ़ में स्थित आर्ष ज्योति गुरुकुल और आमचाना मे स्थित गुरुकुल के क्रियाकलापों को भी कवर किया जा रहा है। 

अंतिम कालखंड मे धनुर्विद्या, योग विद्या जैसे लुप्त होती जा रही विद्याओं की प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था, जिसको काफी सराहा गया। प्रोजेक्ट गुरुकुल मे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मुंबई, नासिक, नागपुर, गुजरात से भी कई बच्चे जुड़े हुए हैं। एकात्म कलार युवा मंच के बैनर तले संचालित होने वाले इस प्रोग्राम के लिए भीम जायसवाल को उनके समाज प्रगतिशील जायसवाल समाज द्वारा हाल ही मे सम्मानित भी किया गया है।