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नीलामी कौन करवाएगा: नीलामी कर्मचारियों की तैनाती, जांच दल में

नीलामी कौन करवाएगा:  नीलामी कर्मचारियों की तैनाती, जांच दल में

राजकुमार मल/भाटापारा। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के दिनों में यदि कृषि उपज मंडी में अपनी उपज बेचने आना चाहते हैं, तो यह जानकारी पहले से ही लें कि नीलामी होगी या नहीं ? यह इसलिए जरूरी होगा क्योंकि नीलाम करने वाले कर्मचारियों की तैनाती, जांच दल में  की जा चुकी है।


समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के दिनों में कृषि उपज मंडी में अव्यवस्था देखने में आ सकती है क्योंकि मंडी उपनिरीक्षक समेत नीलामी करने वाले कर्मचारियों की ड्यूटी, मंडी प्रांगण में नहीं बल्कि जांच चौकियों में लगने जा रही है। इससे मंडी के दैनिक कामकाज पर गहरा असर पड़ने की पूरी आशंका बन चुकी है। काम आवश्यक है, फरमान सरकार ने जारी किया है, इसलिए मंडी प्रशासन के सामने यक्ष प्रश्न यह  बन चुका है कि आखिर नीलामी की प्रक्रिया कैसे संपादित की जाएगी ?


इनकी तैनाती जांच दल में......

जिला खाद्य शाखा से जारी आदेश के मुताबिक मंडी उपनिरीक्षक श्याम लाल साहू, शंकर लाल वर्मा ,सत्यनारायण यादव, रुपेश्वर सिंह ठाकुर, मनोहर राव ,अरुण कुमार वर्मा, बालगोविंद कश्यप, संतोष इटोरिया और कुलेश्वर प्रसाद साहू  की तैनाती जांच चौकियों में की गई है। इन्हें अपने-अपने क्षेत्र से गुजरने वाली कृषि उपज पर न केवल नजर रखनी होगी बल्कि धान के अंतरप्रांतीय, अंतरजिला आवाजाही पर रोक लगाना और प्रकरण बनाना होगा।

कौन करवाएगा नीलामी....

जिन कर्मचारियों की तैनाती की गई है वह सभी, प्रांगण में कृषि उपज की नियमित नीलामी करवाते हैं। आदेश के बाद मंडी प्रशासन सकते में आ चुका है क्योंकि नीलामी प्रक्रिया संपादित करने के लिए उसके पास अनुभवी कर्मचारी नहीं हैं। ऐसी स्थिति में सीजन के दिनों में मंडी का पूरा काम बंद होने की आशंका बन चुकी है।

यह सबसे ज्यादा परेशान....

नए फरमान के बाद मंडी प्रशासन तो सकते में है ही, वह किसान भी आने वाले दिनों में परेशान होगा, जो कृषि उपज बेचने मंडी पहुंचेंगे। मिलर्स की परेशानी अलग ही रहेगी। उसे दोतरफा दबाव झेलना होगा। पहला बाजार की मांग और दूसरा, यूनिट के नियमित परिचालन के लिए उपज के नहीं मिलने के रूप में।

असर इन पर भी....

नीलामी की प्रक्रिया बाधित होने की परिस्थिति में मंडी श्रमिकों की दैनिक रोजी-रोटी पर भी असर पड़ सकता है क्योंकि जब तक नीलामी नहीं होगी, तब तक ना तो उपज खाली होगा, ना ही भरी जा सकेगी। इसके अलावा तौल करने वाले  कर्मचारियों व ट्रैक्टर और छोटी ट्रकों पर भी असर पड़ सकता है।

इस पर बलौदाबाजार कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने कहा कि यह जानकारी आप से मिल रही है। पता लगाया जाएगा।