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प्रधानमंत्री पद नाम की भी गरिमा को ध्यान में नही रखा निर्माण एजेंसी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क में से निकलने लगी मिट्टी संबंधित अधिकारी ने मूंद ली है आंखे.......

प्रधानमंत्री पद नाम की भी गरिमा को ध्यान में नही रखा निर्माण एजेंसी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क में से निकलने लगी मिट्टी संबंधित अधिकारी ने मूंद ली है आंखे.......

कोरिया, 29 जून। सोनहत मुख्यालय से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर t01 कछाडी से जोगिया पहुच मार्ग का निर्माण कार्य लगभग 3 से 4 साल पूर्व  किया गया था। जो की अब जगह जगह  पूरी तरह उखड़ कर ध्वस्त हो रहा है । सड़क की डामर सनी गिट्टी अब मिट्टी में मिल रही है । जगह जगह धसते हुए गड्ढे हो रहे है। पक्की सड़क अब कुछ जगहों पर कच्ची सड़क की तरह प्रतीत हो रही है । जिससे साफ जाहिर हो रहा है कि इस  सड़क पर जम कर भ्रष्टाचार का खेला खेल कर निर्माण कार्य को अंजाम दिया गया है जो अब घटिया निर्माण कार्य की पोल खुल रही है । और जिसका खामियाजा सीधे तौर पर राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।  लगातार मांग करने के बाद जब भाजपा शासनकाल में यह सड़क क्षेत्र को सौगात के रूप में मिली थी। तब लोगों में काफी उत्साह देखा गया था। उतना ही नाराजगी अब इस सड़क के उखाड़ने जाने पर है क्योंकि अब इसमें चलना दूभर हो गया है पक्की सड़क से गिट्टी उखड़ने लगे हैं सड़क मिट्टी धूल में तब्दील हो गया है। सही माप दंड पर तैयार किया गया होता तो सायद ये हाल सड़क का आज न होता ।


खाना पूर्ति

हाल ही इस सड़क की मरमत की गई है लेकिन वह भी खाना पूर्ति के समान है। सड़क निर्माण होते ही लगातार निर्माण एजेंसी मरम्मत का कार्य करती रही है । उसके बाद भी सड़क को सवारने में कुछ खास सफलता हांथ नही लगी है । जिसका कारण यही है कि शुरुवात में सड़क निर्माण कार्य मे सही मापडंडों को दरकिनार किया गया । उखड़ी सड़के और मिट्टी में तब्दील सड़क को देख अंदाजा लगाया जा सकता है । 

बारिश का मौसम जारी है ऐसे में इस रोड का जब निर्माण किया जा रहा था तो क्षतिग्रस्त पुलिया को ध्यान नहीं दिया गया जो अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त और ध्वस्त हो गया है। इस मार्ग से होकर जाने वाली कई इमरजेंसी सेवाएं भी ठप हो जाती है। लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आवश्यकता है कि इस और शासन प्रशासन ध्यान दें जिम्मेदारों पर कठोर  कार्यवाही करें ताकि शासन का पैसा दुरुपयोग ना कहलाये ।