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कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी की मांग, 'पेट्रोल डीजल में एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार बढ़ाए..केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री का राज्य सरकारों को टैक्स कम करने का सलाह देना दुर्भाग्यपूर्ण

कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी की मांग, 'पेट्रोल डीजल में एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार बढ़ाए..केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री का राज्य सरकारों को टैक्स कम करने का सलाह देना दुर्भाग्यपूर्ण

जनधारा समाचार
रायपुर. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के राज्य सरकारों को वेट कम करने वाले बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि पेट्रोल डीजल में एक्साइज केंद्र सरकार बढ़ा रही है मनमोहन सरकार के दौरान पेट्रोल में 3.50रु एवं डीजल में 3 रुपया लगभग एक्साइज ड्यूटी लगती थी जिसे बढ़ाकर मोदी सरकार ने पेट्रोल में प्रति लीटर 32 रुपये और डीजल में 30 रुपये बढ़ोतरी कर 10 गुना  एक्साइज की दरें बढ़ाई है।जिसका खामियां आमजनता को उठाना पड़ रहा है।


उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने तो एक्साइज ड्यूटी में 10 गुना बढोत्तरी की है लेकिन छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने तो पूर्व की सरकार के समय लगने वाली वेट की दर को ही रखी है वैट के दरों में कोई वृद्धि नहीं की है। ऐसी स्थिति में धर्मेंद्र प्रधान द्वारा राज्य सरकारों को वेट में कम करके आम जनता को राहत पहुंचाने की बात कहना निहायती हास्यपद है और शर्मनाक भी है।

संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पेट्रोल डीजल के आड़ में जनता की गाढ़ी कमाई को केंद्र सरकार लुटे और भरपाई करे राज्य की कांग्रेस सरकार करे इससे स्तरहीन सलाह और कोई नही दी जा सकती। केंद्र सरकार ने ही एक्साइज के 5 रु को किसान सेस में कन्वर्ट कर दिया ताकि  राज्यों को उस एक्साइज में हिस्सा ना देना पड़े। केंद्र सरकार की ऐसी मानसिकता संघीय ढांचे की अवधारणा के विपरीत है और पूरी तरीके से गलत असंगत और अन्याय्यपूर्ण है।

संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि पेट्रोल-डीजल के बढ़े हुए दाम को कम नहीं किया जा सकता है क्योंकि सरकार का खजाना खाली है इससे स्पष्ट हो गया है कि केंद्र की सरकार पेट्रोल डीजल पर भारी भरकम टैक्स लगाकर वसूली कर रही है और अपने खजाना को भरने का काम कर रही है पेट्रोल डीजल के महंगाई का दुष्परिणाम आम उपभोक्ता को उठाना पड़ रहा है खाद्य सामग्री कृषि यंत्र रसायनिक खाद कृषि की लागत मूल्य में बेतहाशा वृद्धि हुई है.