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मनेंद्रगढ़ वनपरिक्षेत्र में अवैध कटाई ,वृक्षारोपण संबंधी हो रहे भ्रष्टाचार के उजागर से रेंजर बौखलाया

 मनेंद्रगढ़ वनपरिक्षेत्र में अवैध कटाई ,वृक्षारोपण संबंधी हो रहे भ्रष्टाचार के उजागर से रेंजर बौखलाया

तथाकथित पत्रकारों को मिलाकर अपने पक्ष में समाचार का करा रहे प्रकाशन

‘‘क्या वन परिक्षेत्राधिकारी से हैं इस पत्रकार की सांठगांठ’’ पत्रकारिता का खरपतवार अधिकारियों का सेवादार ....  पत्रकारिता चाटुकारिता नही हैं..  

कोरिया/ वन परिक्षेत्र मनेंद्रगढ़ में अवैध कटाई ,वृक्षारोपण संबंधी  खबर का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्रों में प्रमुखता से इन दिनों किया जा रहा है जिससे वन परिक्षेत्राधिकारी हीरालाल सेन बौखला गए हैं और कुछ तथाकथित पत्रकार व उनके पोर्टल बीबीसी लाईव एंव द प्रेस टीवी जिसका नाम तक कोई नहीं सुना होगा इसमें अपने पक्ष में समाचार सब कुछ पाक साफ बताकर प्रकाशित करा रहे हैं जबकि उनका यह कृत्य विभागीय सेवा एंव आचरण नियम वन विभाग के ठीक विपरीत है जिसकी भी अवहेलना उनके द्वारा की जा रही है। वनपरिक्षेत्राधिकारी मनेंद्रगढ़ को समाचारों में संज्ञान लेकर उस पर सुधार करना चाहिए था लेकिन यह उल्टे जो सही पत्रकार है उन्हें ही फर्जी बताने में लगे है जो उनके रवैये को ही उजागर कर रहा है। ऊंट की चोरी निहुरे निहुरे नहीं होती है शायद यह बात रेंजर साहब भूल चुके हैं। वहीं जिले के पत्रकारों नें भी इसकी घोर निंदा की है और गलत खबरों में रोक लगाने के लिए ऐसे चापलूस पत्रकारों पर कार्यवाही करने की बात की है। वनमण्डल मनेंद्रगढ़ में भारी भर्राशाही बरती ही जा रही है जिसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी । 

तो वहीं इस पूरे मामले में प्रेस क्लब के महासचिव एस0के0रूप का बयान आया है उन्होंने कहा है कि - जनतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता अब खतरे में हैं जिससे बचना चाहिए संबंधित पोर्टल के संचालक व पत्रकारों को इस तरह से पीत पत्रकारिता नहीं करनी चाहिए और सच का प्रकाशन किया जाना चाहिए रही बात वनमण्डल मनेंद्रगढ़ की तो वहां की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। 

तो उधर दूसरी ओर फेक न्यूज लिखने एवं संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप  में वायरल किये जाने पर संपादक मण्डल द्वारा  कार्यवाही की बात कही गई है ।