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केन्द्र की वैक्सिन नीति में स्पष्टता न होने की वजह से ही टिकाकरण अभियान धीमा पड़ गया है- विकास उपाध्याय

केन्द्र की वैक्सिन नीति में स्पष्टता न होने की वजह से ही टिकाकरण अभियान धीमा पड़ गया है- विकास उपाध्याय

रायपुर। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय ने केन्द्र की मोदी सरकार पर आज फिर से हमला बोला है। उन्होंने कहा,छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों समेत पूरे देश में कोरोना महामारी को रोकने के लिए चलाया जा रहा टीकाकरण अभियान केन्द्र की वैक्सिन नीति में स्पष्टता न होने की वजह से अब धीमा पड़ गया है।
विकास उपाध्याय ने जारी बयान में आरोप लगाया कि, केंद्र राज्यों को वैक्सिन खरीदने ग्लोबल टेंडर की अनुमति तो दे रहा है, पर सच्चाई ये है कि वो इन कंपनियों के साथ अलग से सौदेबाज़ी भी कर रहा है। यही वजह है कि कोई भी विदेशी कंपनी सीधे राज्यों को वैक्सिन देने से मना कर रही है। विकास उपाध्याय ने कहा, केन्द्र की मोदी सरकार देश में पर्याप्त वैक्सिन की व्यवस्था नहीं कर पा रही है और जब इस बात को लेकर राज्यों का केन्द्र पर दबाव बढ़ा तो, केन्द्र सरकार से कहा गया कि राज्य सरकारे भारतीय वैक्सीन निर्माताओं से अलग से वैक्सीन खऱीद लें, पर केंद्र सरकार ने उनको भी अपने नियंत्रण में रखा हुआ है। केंद्र सरकार ने इस बात पर नियंत्रण लगाया हुआ है,की राज्य किसी निजी कंपनी से सीमित मात्रा में ही वैक्सिन खरीद सकते हैं। जबकि हर राज्य जरूरत के पूरे वैक्सिन का भुगतान करने तैयार है।
विकास उपाध्याय ने कहा,ये तो भारतीय निजी कंपनियों की बात हुई और राज्य सरकारें जब अपने यहाँ चिंताजनक हालातों को देख ग्लोबल टेंडर निकाल कर विदेश से वैक्सिन की पूर्ति करना चाह रही है तो, बहुत सी दवा निर्माता कंपनियों ने या तो राज्यों द्वारा निकाले गए ग्लोबल टेंडर का कोई जवाब नहीं दे रही है,या फिर साफ़ तौर पर ये कहा जा रहा है कि वैक्सीन बेचने के लिए केंद्र सरकार से ही समझौता किया जा सकता है, राज्य सरकारों से नहीं। ऐसे में राज्य सरकारें वैक्सिन की पूर्ति कैसे करें। विकास उपाध्याय ने केंद्र सरकार से यह अपील की है कि वो वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर खुद जारी करे और राज्यों को वैक्सीन दे।