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उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगायी

उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगायी

मुंबई।  बंबई उच्च न्यायालय ने ख्वाजा यूनुस की हिरासत में मौत के मामले में विशेष सरकारी वकील धीरज मिराजकर को हटाने के संबंध में बुधवार को महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाई।

न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले और न्यायमूर्ति नितिन आर बोरकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि राज्य सरकार ने विशेष लोक अभियोजक धीरज मिराजकर को बिना कोई कारण बताए हटा दिया। सितंबर 2015 में इस मामले में प्रतिनिधित्व करने के लिए उन्हें नियुक्त किया गया था।

वर्ष 2002 में घाटकोपर विस्फोट के संदिग्ध ख्वाजा यूनुस की मां आसिया बेगम की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। ख्वाजा की मौत 2003 में पुलिस हिरासत में हो गई थी। उन्होंने सरकारी वकील मिराजकर को मुकदमे से हटाने के सरकार के फैसले को चुनौती दी थी।

इस बीच, सुनवाई के दौरान राज्य ने अदालत को सूचित किया कि वह 14 अक्टूबर तक ख्वाजा यूनुस की हिरासत में मौत के मामले में किसी अन्य विशेष सरकारी वकील (एसपीपी) की नियुक्ति नहीं करेगी।