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पढाई छोड़ घर की रोजी रोटी के लिए बालक ने प्रारम्भ किया मूर्ति बनाना

पढाई छोड़ घर की रोजी रोटी के लिए बालक ने  प्रारम्भ किया मूर्ति बनाना

गरियाबंद । आर्थिक स्थिति तंगी के चलते ग्राम मालगांव के 15 वर्षीय बालक ने पढाई छोड़ अपनी कला के माध्यम से अपनी आय एकत्रित कर अपना और अपने परिवार के जीवन निर्वहन करते हुए गणेश की प्रतिमा बनाने लगा।ज्ञात हो कि गरियाबंद जिला मुख्यालय से चार किलोमीटर दूर ग्राम मालगांव निवासी 16 वर्षीय चंदन निषाद जो दो वर्ष पहले कक्षा आठवी में अध्ययन कर रहा था ,उसी बीच उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के चलते उक्त बालक ने पढाई छोडक़र घर की रोजी रोटी के लिए मूर्ति बनाना प्रारम्भ किया,और अपने लगन से मूर्ति गढ़ते हुए उसे गणेश चतुर्थी में बेचकर अपना और अपने परिवार की रोजी रोटी चलाना प्रारम्भ किया । इससे उसकी प्रतिभा तो दो वर्षों में निखर गया । और आर्थिक आय भी बन गया इस तरह उस बालक ने इस वर्ष विभिन्न प्रकार के सात मूर्ति गढा और सातों मूर्ति पूरा होने के पहले ही बिक भी गया । कहने को तो उसके घर मे उस बच्चे का पिता है जो लकड़ी मित्री का कार्य करता है ,उसका एक बड़ा भाई भी है जो बेरोजगार है।जिसके चलते उस बच्चे को खेलने कूदने के दिन में कार्य प्रारम्भ करना पड़ा ।