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भव्य बाईक रैली निकाल सतनामी समाज के युवा और ओबीसी मोर्चा के द्वारा मनाया गया भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती

 भव्य बाईक रैली निकाल सतनामी समाज के युवा और ओबीसी मोर्चा के द्वारा मनाया गया भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती

सक्ती।  सक्ती से लगे सपनाईपाली गांव से बाईक रैली सतनामी समाज के युवा नेतृत्व जयंत जांगड़े आदिवासी समाज के नेतृत्व रवि मरावी ओबीसी समाज के नेतृत्व निखिल चंद्रा कर रहे थे यहां सोभा यात्रा भव्य बाइक रैली निकाली गई शक्ति क्षेत्र के रोड से लगे सभी गांव से गुजरते हुए !

बाराद्वार में बाबा साहब के मूर्ति मे माल्यार्पण करके तुर्री धाम होते हुए शक्ति पहुंची शक्ति में युवाओं के द्वारा जोशो खरोशओं से नारेबाजी करते हुए शक्ति नगर भ्रमण किया गया फिर मालखरोदा ब्लाक के पिहरीद ग्राम में सभा का आयोजन किया गया !

जिसमें एसटी एससी ओबीसी समाज के प्रमुखों को बुलाया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में कलार महासभा के प्रदेश अध्यक्ष विजय जायसवाल जी ने कहा कि बाबा साहब को पिछड़े दलित वंचित आदिवासी सर्व समाज का मसीहा मानते हैं उनके दिए अधिकारों से ही राष्ट्र सुरक्षित है जिन्होंने संविधान बनाकर सभी को समानता और स्वतंत्रता का अधिकार दिया कहा तद पश्चात अध्यक्षता कर रहे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष लाखन सिंह गोंड ने कहा कि बाबा साहब प्रारंभ में वह अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रहे वकालत भी की लेकिन बाद में वे राजनीति गतिविधियों में सम्मिलित होकर भारत के वास्तविक स्वतंत्रता सामाजिक स्वतंत्रता तथा आर्थिक स्वतंत्रता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया उस समय हिंदू पंथ में अनेक कुरीतियां छुआछूत और ऊंच-नीच की प्रथा प्रचलन में थी !

जिसके लिए उन्होंने अथक संघर्ष किए वह स्वयं दलित वर्ग से संबंधित थे छुआछूत के दंश को समाज में व्याप्त सामाजिक असमानता जाति व्यवस्था सुधारो के साथ होने वाले मानवीय व्यवहार को उन्होंने अपने बाल्यकाल से देखा जाना और होगा था उस बहुसंख्यक की हुए जीवन यथार्थ से उनके प्रत्येक प्रकार के सामाजिक समानता के लिए आवाज उठाने की प्रेरणा बिजी उनका मानना था कि छुआछूत गुलामी से भी बदतर है कहा तद पश्चात छत्तीसगढ़ एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष सूरज यादव जी ने कहा कि बाबा साहब ने समाज में जातिगत भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया आदिवासी दलितों बहुसंख्यक समाज को सम्मान और अधिकार दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है उन्होंने मजदूरों और महिलाओं के अधिकार की भी वकालत की बाबा साहब ने शिक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया और भारतीय संविधान के प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे उन्होंने विविधता लिए भारत देश को एक मजबूत और लौकी तहसील सविधान दिया !

जिसका न्यू पर भारतीय लोकतंत्र निरंतर पल्लवित हो रहा है कार्यक्रम में सैकड़ों हजारों की संख्या में शक्ति जिले वासी  शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं कार्यक्रम में शामिल रहे राजेंद्र साहू कमल यादव कीर्तन जगत जय सिंह मरावी देव भारद्वाज अनिल मरकाम शेखर सिदार दिल चंद उजागर मैत्री ओमप्रकाश लहरें विजय लहरें संजीव आनंद मुकेश गोविंदा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे