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बजट सत्र : खादय मंत्री अमरजीत भगत और पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम विधानसभा में सरकार की 'मजबूत दीवार' बने रहे, सीएम और सु्ब्रत साहू की गुफतगूं...!

बजट सत्र : खादय मंत्री अमरजीत भगत और पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम विधानसभा  में सरकार की 'मजबूत दीवार' बने रहे, सीएम और सु्ब्रत साहू की गुफतगूं...!

अनिल द्विवेदी

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन कल सत्ता—पक्ष और विपक्ष के बीच अनुपूरक बजट तथा ध्यानाकर्षण सहित कई विषयों पर चर्चा हुई. इस दौरान छिटपुट विवाद और कहासुनी की स्थिति देखी गई तो हंसी मजाक का दौर भी चला.

विधानसभा में कई रोचक झलकियां दिखाई दीं जो इस प्रकार हैं:

खादय मंत्री अमरजीत भगत जब बोल रहे थे तो कवासी लखमा ने उठकर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर पर टिप्पणी की तो चंद्राकर ने हंसते हुए कहा कि भगवान भगत ल सदबुद्धि दे.

विधायक बृजमोहन अग्रवाल और खादय मंत्री अमरजीत भगत के बीच बहस हो रही थी तो अग्रवाल के सवालों की बौछार से आहत मंत्री भगत ने हंसते हुए कहा कि लगता है आज तैयारी से आए हैं आप.

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस विधायक शकुंतला साहू को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन से जन्मदिन मनवाना कोई आपसे सीखे.

अनुपूरक बजट के आंकड़ों पर जब सरकार घिरने लगी तो सीएम भूपेश बघेल को अफसरों की दीर्घा में बैठे अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू कुछ सलाह लेते दिखे.

विधानसभा का संचालन कर रहे विधायक देवव्रत सिंह ने जब विधायक मोहन मरकाम को समय का ध्यान रखने के लिए टोका तो सीएम भूपेश बघेल कुछ टिप्पणी करते दिखे.

संसदीय विभाग के सचिव होने के नाते, आइएएस सोनमणि बोरा आज दिन भर विधानसभा में ही रहे, अफसर—दीर्घा में बैठे दिखाई दिए.



प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक मोहन मरकाम ने आज प्रभावी भाषण दिया तो अजय चंद्राकर उठकर उनके बाजू में बैठे विधायक से मिलकर गपियाने लगे. इस पर अमरजीत भगत ने चुटकी ली कि चंद्राकर बृजमोहन के भाषण से घबरा गए और इधर आकर बैठ गए. शिवरतन शर्मा ने मरकाम पर चुटकी ली : लिखा हुआ पढ़ रहे हो क्या!  

कांग्रेस विधायक कुलदीप जुनेजा, बृजमोहन अग्रवाल और अजय चंद्राकर नेता प्रतिपक्ष कौशिक के कमरे में चाय पर चर्चा करते दिखे.

खादय मंत्री बनाम विपक्षी विधायक


भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनयिमितता का मुददा उठाया और कहा कि धान खरीदी बंद हो जाने से कई किसान अपना धान नही बेच सके. वे हताश हैं और आत्महत्या कर रहे हैं. इस पर मंत्री और अग्रवाल में कहासुनी भी हुई. बृजमोहन ने पूछा कि प्रदेश में कुल कितने किसान हैं और कितने एकड रकबा में खेती होती है इस पर मंत्री भगत ने कहा कि 39 लाख किसान हैं और 46 लाख एकड़ में खेती होती है. बृजमोहन ने दोहराया कि यदि 21 लाख किसानों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है तो बाकी के किसान कहां गए. क्या सभी को न्याय योजना के तहत 10 हजार देंगे. इस सवाल पर खादय मंत्री फंसते नजर आए और उन्होंने कह दिया कि इसका जवाब कृषि मंत्री देंगे, मैं नहीं.

श्री अग्रवाल की तैयारी को देखते हुए मंत्री भगत मुस्कुराने लगे और कहा कि लगता है आप तैयारी से आए हैं. हालांकि खादय मंत्री अमरजीत भगत के दिमागी सूझबूझ की दाद देनी होगी कि वे हमेशा की तरह सारे विपक्ष से लोहा लेते दिखे, सबको जवाब भी दिया. सरकार का बचाव भी किया. इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मेज थपथपाकर उनका हौसला बढ़ाते दिखे.

वित्त विभाग के कारण शर्मिंदा हुई सरकार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बतौर वित्त मंत्री अनुदान संख्या 6 7 10 24 41 47 58 64 तथा 71 के लिए राज्य की संचित निधि से अनुपूरक बजट का प्रस्ताव सदन में रखा जिसे आसंदी ने स्वीकार करते हुए इस पर चर्चा कराने की शुरूआत करते हुए भाजपा विधायक अजय चंद्राकर को मौका दिया. श्री चंद्राकर ने भाषण की शुरूआत में ही बड़ी त्रुटि की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा कि मुख्यमंत्रीजी कह रहे हैं कि 1600 करोड़ का अनुपूरक बजट है लेकिन जो कापी विधानसभा की ओर से मिली है, उसमें 16 करोड़ लिखा गया है. ऐसे में चर्चा किस तरह की जाए. विधायक ब्रजमोहन अग्रवाल, धरम लाल कौशिक और शिवरतन शर्मा ने भी इसका समर्थन किया.
इतना सुनते ही सत्ता पक्ष में सन्नाटा छा गया लेकिन वरिष्ठ मंत्रियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया. दरअसल वित्त विभाग के अधिकारियों की चूक के चलते, आंकड़ों की गलतफहमी के चलते सरकार की किरकिरी हो गई. इस पर मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि आंकड़े सुधारकर पढ़ लीजिए। इस पर भाजपा के विधायकों ने आपत्ति दर्ज कराई। सिंहदेव ने भी भाजपा विधायकों को समझाने का प्रयास किया लेकिन भाजपा विधायक अड़े रहे। सरकार को घेरते रहे। मंत्री मोहम्मद अकबर ने माना कि कि प्रिंटिंग त्रुटिवश मीटिंग होने के चलते बजट में 1600 करोड़ छप गया है. उसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्पष्ट करते हुए कहा कि 1600 करोड़ की जगह 16 करोड़ पड़ा जाए और इसी पर चर्चा हो. इसके बाद विपक्ष संतूष्ट हुआ और अनुपूरक बजट पर चर्चा शुरू की।

अजय चंद्राकर की टिप्पणी पर विवाद

इसके बाद नया विवाद पैदा हो गया. विधायक अजय चंद्राकर ने चर्चा शुरू की तो अम्बिकापुर के विधायक ने उन टिप्पणी कर दी कि शुभ शुभ बोला करिए। इस पर चंद्राकर उखड़ गये। उन्होंने कहा कि मैं दूसरे तरीके से बात करूंगा तो आपको तकलीफ़ होगी। इस पर सत्ता पक्ष ने इसे धमकी माना और कड़ा विरोध किया तथा माफी मांगने को कहा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कहा कि टिप्पणी गरिमा के अनुकूल नही है। इसके बाद टिप्पणी को सदन से विलोपित कर दिया गया। मामला शान्त हुआ और चर्चा शुरू हुई। सदन का संचालन विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी के अलावा देवव्रत सिंह ने किया.