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जनता को शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मददगार बने विधायक – राज्यपाल अनुसुईया उइके

जनता को शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मददगार बने विधायक – राज्यपाल अनुसुईया उइके

रायपुर, 22 फरवरी। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने विधायकों से राज्य सरकार की विकासपरक जनहितकारी नीतियों,योजनाओं,कार्यक्रमों,अभियानों में सक्रिय भागादारी निभाने और अपने अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता को शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मददगार बनने की अपील की है।

सुश्री उइके ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ के मौके पर अपने अभिभाषण में कहा कि बीता वर्ष अनेक चुनौतियों से भरा था।रोज खाने कमाने वाले परिवारों को भोजन और आजीविका,कुपोषण से लड़ रहे परिवारों को निरंतर पोषण आहार प्रदाय,प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित वापसी और उऩका पुनर्वास,कोरोना संक्रमण से बचाव और आर्थिक गतिविधियों की स्वाभाविक गति को बनाए रखने की चुनौतियों के बीच सरकार इन सभी मोर्चे पर खरी उतरी और प्रदेश कोरोना काल में भी अनेक क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल कर सका।

उन्होने कोरोना काल में 67 लाख से अधिक राशनकार्ड धारियों को खाद्यान्न उपलब्ध करवाने, गावों में खाद्य सुरक्षा के लिए दो-दो क्विंटल चावल रखे जाने तथा मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान में 51 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों के 24 लाख से अधिक हितग्राहियों को रेडी टू ईट पोषण साम्रगी दिए जाने का उल्लेख करते हुए उनकी सरकार ने एक बार फिर किसानों से किया गया वादा निभाया है। इस वर्ष सर्वाधिक 21 लाख किसान पंजीकृत हुए थे जिनमें से 20 लाख 53 हजार से अधिक किसानों ने अपना धान समर्थन मूल्य पर बेचा।इस बार रिकार्ड मात्रा 92 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई।

इस वर्ष रिकार्ड 4755 करोड़ रूपए के ब्याज मुक्त ऋण वितरण का उल्लेख करते हुए उन्होने कहा कि राज्य में 16 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए जा चुके है।प्राथमिक कृषि साख समितियों का पुनर्गठन कर 725 नई समितियां पंजीकृत की गई है,जिससे राज्य में समितियों की संख्या बढ़कर 2058 हो गई है।उन्होने कहा कि गन्ना आधारित इथेनाल संयंत्र लगाया जा रहा है,वहीं धान आधारित इथेनाल संयंत्र लगाने की उऩकी सरकार ने पहल की है।उन्होने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली अलग अलग फसलों का वैल्यू एडीशन हो,इसके लिए प्रत्येक विकास खण्ड में फूड पार्क एवं वनोंपज प्रसंस्करण केन्द्रों की स्थापना की जा रही है।

राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत धान, गन्ना, मक्का सहित 14 फसलें लेने वाले किसानों को सीधी आर्थिक मदद देने का बीड़ा उठाया है। प्रथम वर्ष में तीन किस्तों में 4500 करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में डाल दी गई है, वहीं शेष लगभग 1200 करोड़ रुपए की अंतिम किस्त का भुगतान भी इसी वित्तीय वर्ष में कर दिया जाएगा।उन्होने कहा कि उनकी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली लघु वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 52 कर दी है।इस कठिन दौर में भी देश की कुल लघु वनोपज खरीदी का 72.5 प्रतिशत हिस्सा खरीदकर छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा।उन्होने कहा कि शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना लागू की गई है। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रुपए से बढ़ाकर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा तथा बोनस भुगतान की निरंतरता से इस काम में लगे लाखों परिवारों को राहत मिली है।

उन्होने कहा कि सरकार ने पंचायत और ग्रामीण विकास की योजनाओं को तात्कालिक जरूरतों से जोड़ते हुए अनेक नवाचार किए, जिसके कारण भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को 11 विशिष्ट पुरस्कारों से नवाजा है।उन्होने कहा कि वर्ष 2019-20 में महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत स्वीकृत मानव दिवस के लेबर बजट का लक्ष्य शत्-प्रतिशत पूरा किया गया तथा वर्ष 2020-21 में भी 81 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है, जो पुनः नए कीर्तिमान की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है।

सुश्री उइके ने कहा कि सरकार ने विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं तथा कार्यक्रमों का क्रियान्वयन पूरी लगन से किया है, जिसके कारण ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन’ में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल, ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ और ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)’ के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में द्वितीय स्थान पर रहा है। 86 ग्राम पंचायतों के ‘ओ.डी.एफ. प्लस’ घोषित होने के साथ ही छत्तीसगढ़ इस मापदण्ड में भी देश में दूसरे स्थान पर है। ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2020’ में प्रदेश को स्वच्छतम राज्य का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। 14 नगरीय निकायों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त किए हैं।

उन्होने कहा कि ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ में दो वर्षों की प्रगति उल्लेखनीय रही है। आगामी तीन वर्षों के लिए 5600 किलोमीटर सड़कों तथा 26 पुलों के निर्माण की स्वीकृति भी मेरी सरकार की कार्य कुशलता का परिचायक है।इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना,’ ‘मुख्यमंत्री ग्राम गौरवपथ योजना’ जैसी पहल से भी गांवों में बेहतर अधोसंरचना का विकास किया जाएगा।उन्होने कहा कि सरकार ने एक नई सोच के साथ ‘जवाहर सेतु योजना’ शुरू की थी ताकि सड़कों और पुलों का नेटवर्क पूरा किया जा सके। इस तरह के लगभग 200 कार्य शुरू किए गए, जिसमें से 29 पूरे हो गए।

राज्यपाल ने कहा कि सरकार एक ओर जहां प्रदेश को देश के प्रमुख सड़क मार्गों से जोड़ने की दिशा में पुरजोर प्रयास कर रही है और नई-नई परियोजनाएं स्वीकृत करा रही है, वहीं दूसरी ओर विमानन सेवाओं के माध्यम से भी कनेक्टीविटी के विस्तार में सफल हो रही है। बस्तर के बाद बिलासपुर से भी अंतरराज्यीय विमानन सेवा प्रारंभ होने से प्रदेश को बहुत लाभ मिलेगा।

उन्होने कहा कि सरकार ने बड़ी प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन किया है, जिसके तहत एक नया जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, दो अनुभागों तखतपुर, बड़े बचेली तथा 24 नई तहसीलों का गठन किया है। संभागीय मुख्यालय की तहसीलों को मॉडल तहसील के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होने कहा कि सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे नवाचारों पर बल दिया जिससे संकट काल में भी बच्चो का नाता पढ़ाई से जुड़ा रहा, साथ ही उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए निरंतरता बनाए रखने में कोई कठिनाई नहीं आई।राज्य के सभी जिलों में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय शुरू करने का निर्णय लिया गया हैं और प्रथम वर्ष में 52 सरकारी विद्यालयों का उन्नयन नई सुविधाओं के साथ किया गया है, जिसमें 31 हजार से अधिक बच्चों ने प्रवेश लिया है।

उन्होने कहा कि उच्च शिक्षा की सुविधाएं ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक पहुंचाने के लिए मेरी सरकार ने विभिन्न महाविद्यालयों में एक वर्ष में 4 हजार से अधिक सीटों की वृद्धि की है। सरकार ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए विशेष प्रयास किए हैं, जिसके तहत कांकेर, महासमुन्द तथा कोरबा जिलों में नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना होगी, जिसमें 100-100 सीटें होंगी। दुर्ग जिले में संचालित चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहण का निर्णय भी लिया गया है।

सुश्री उइके ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिस बल को बहुआयामी चुनौतियों से जूझना पड़ता है।सरकार ने एक ओर जहां पुलिसकर्मियों को आम जनता के प्रति संवेदनशील बनाने पर ध्यान दिया, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा बलों की आवश्यकताओं को देखते हुए अनेक कल्याणकारी निर्णय लिए। रिस्पांस भत्ता, नाश्ता तथा भोजन की दरों में वृद्धि, स्पंदन अभियान, संवेदना कार्यक्रम, अनुकम्पा नियुक्ति, शहीद जवानों के आश्रितों के लिए एक्सग्रेसिया राशि 03 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए, शहीदों के आश्रित परिवारों को अनुग्रह अनुदान आदि योजनाओं का व्यापक असर हुआ है। प्रदेश में नक्सल गतिविधियों सहित अन्य अपराधों में कमी आई है।