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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ठण्ड के दिनों में कोहरे की बूँद की जगह आसमान से गिरती है कालिख

 छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में  ठण्ड के दिनों में कोहरे की बूँद की जगह आसमान से गिरती है कालिख

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर  में   गुलाबी ठंड का अनुभव होने लगा।राजधानी रायपुर के लोग ठंड के नाम से सिहर उठे हैं। यह सिहरन ठंड से नहीं, बल्कि भय के कारण है।   भीषण गर्मी की मार झेल रहे छत्तीसगढ़ की यहां हर साल ठंड में आसमान से कोहरे की जगह कालिख गिरती है। यह कालिख शहर की घनी आवादी  कॉलोनियों को तो काला करती ही है। घरों की दीवार और फर्श के साथ पेड़-पौधे तक पर कालिख की परत जम जाती है।

 गर्मी के दिनों में तो इसका असर कम होता है, क्योंकि धुआं ऊपर उठकर दूर चला जाता है। मगर ठंड में यही धुआं शहर पर कालिख बनकर गिरता है। इससे शहर की बड़ी आबादी प्रभावित है। इसका प्रतिकूल असर में आम जनजीवन के साथ पशुओं और पौधों के सेहत पर भी पड़ रहा है।

रायपुर के दोनों रिंग रोड के बीच स्थित गोगांव, उरला, सिलतरा, गुढ़ियारी, भनपुरी, बंजारी, टाटीबंध, कबीर नगर, महोबा बाजार, गीता नगर, चौबे कालोनी, समता कालोनी, दीनदयाल नगर आदि क्षेत्र के लोग कालिख से खासे परेशान रहते हैं। इस वर्ष ठंड की आहट ने उन्हें अभी से चिंतित कर दिया है।

लाकडाउन के दौरान देश सहित छत्तीसगढ़ से सभी कल कारखाने बंद थे, जिसके कारण प्रदूषण का स्तर काफी गिर गया था। वहीं गाड़ियों के नहीं चलने से भी वातावरण शुद्ध हो गया था। अनलाक में मिली राहत के बाद प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ रहा है। 2891.98 वर्ग किलोमीटर में फैले इस शहर की आबादी 21,60,876 है। शहर के अधिकांश आवासीय क्षेत्र के चारों ओर उद्योगों स्थापित हैं। इन उद्योगों से निकलने वाला धुएं का गुबार आवासीय इलाकों पर छा जाता है।