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पूर्व प्राचार्य शिक्षक दंपति ने मानसिक दिव्यांग बच्चों के शिक्षण- प्रशिक्षण हेतु

पूर्व प्राचार्य शिक्षक दंपति ने मानसिक दिव्यांग बच्चों के शिक्षण- प्रशिक्षण हेतु

धमतरी के लक्ष्मी साहू एवं  राम खिलावन साहू ने मानसिक दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्र, सार्थक स्कूल धमतरी को इंक्यावन हज़ार रुपयों की   सहयोग राशि प्रदान की।

 साहू ने अपने जीवन का 38- 40 साल अध्यापकीय  सेवा कार्य में व्यतीत किया है, और  विगत 8- 10 वर्ष पूर्व ये दोनों सेवानिवृत्त हुए हैं।

  धमतरी । लक्ष्मी साहू   प्रारंभ में 2 वर्ष म्युनिसिपल स्कूल में अध्यापन के बाद मेनोनाईट हायर सेकेंडरी स्कूल में 36 साल अध्यापन करते हुए 2013 में प्राचार्य के पद से, और उनके पति  रामखिलावन साहू  रुसनी (आरंग), एवं   धमतरी ब्लॉक के बिजनापुरी,सरसोंपुरी, देमार  एवं आमदी के  स्कूलों में 38 वर्षों तक अध्यापक के रूप में कार्य करते हुए 2010 में  सेवानिवृत्त हुए हैं।

 श्रीमती साहू मैथ्स विषय में  पोस्ट ग्रेजुएट है और उन्होंने बी. एड.  किया है।   साहू इकोनॉमिक्स में पोस्ट ग्रैजुएट  और बी. एड. हैं।

 धमतरी के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में निवास करने वाले इन दंपति का शिक्षा के प्रति समर्पण और विद्यार्थियों के  लिए सहयोग की भावना मूल रूप से एक समान है।  सार्थक को सहयोग राशि  देने के पीछे भी  उनकी शुभेच्छा थी कि, वे मानसिक  निःशक्त बच्चों की  शिक्षा में सहभागी बनें।

 अपनी इच्छा उन्होंने नगरपालिक निगम धमतरी के महापौर विजय देवांगन जी को संपर्क कर  कहा कि, वे उनका चेक सार्थक संस्था को भेंट करदें। इस पर   महापौर ने उनसे खुद अपने हाथों से चेक प्रदान करने का अनुरोध किया। और  हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के अपने  नए कार्यालय में  एक संक्षित कार्यक्रम आयोजित कर साहू दंपति और सार्थक के पदाधिकारियों को आमंत्रित कर चेक दिलवाया।    सार्थक के संरक्षक गोपाल शर्मा,मदनमोहन खंडेलवाल,  अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी, कोषाध्यक्ष प्रीतपाल सिंग छाबड़ा ने  चेक ग्रहण  किया।

   लक्ष्मी साहू  ने  कहा कि ईश्वर की मर्जी थी,और तभी वे अखबार में  सार्थक स्कूल के समाचारों को पढ़ते हुए,  मानसिक दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई, लिखाई और अन्य गतिविधियों के संपादन में सहयोगी बनने के लिए  प्रेरित हुए। 

 अंत में सरिता दोशी ने  लक्ष्मी साहू,  रामखिलावन साहू एवं सहयोग के माध्यम बने महापौर   विजय देवांगन के आभार व्यक्त कर  सार्थक स्कूल  देखने और  बच्चों से मुलाकात के लिए आने के लिए आमंत्रित किया।