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बाबा घासीदास आज होते तब तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के साथ होते

बाबा घासीदास आज होते तब तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के साथ होते

रायपुर। जय सतनाम सेवा समिति कातुलबोड़ द्वारा आज गुरू घासीदास के 265 वीं जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया इस अवसर पर नगर निगम दुर्ग के महापौर धीरज बाकलीवाल मुख्य अतिथि और छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड. राजकुमार गुप्त विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे .

महापौर धीरज बाकलीवाल ने विधायक अरूण वोरा के विधायक निधि से निर्मित मंच का लोकार्पण किया और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के लिये जयंती की बधाई देकर जल्द ही चले गये,


जयंति कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंच के अध्यक्ष एड. राजकुमार गुप्त ने कहा कि इतिहास ने गुरू घासीदास के साथ न्याय नहीं किया है उनका स्थान गौतम बुद्ध और भगवान महावीर से उंचा नहीं तो कम भी नहीं है, बाबा घासीदास बुद्ध और महावीर से इस मामले में भिन्न हैं कि बाबा ने अपने सांसारिक दायित्वों का निर्वाह करते हुये दलित शोषित समाज को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया जबकि बुद्ध और महावीर ने सांसारिक दायित्वों से मुक्त होकर ग्यान प्राप्त किया बुद्ध और महावीर को पूरी दुनिया जानती है लेकिन छत्तीसगढ़ में पैदा होने के कारण बाबा घासीदास की पहचान कुछ क्षेत्र तक सीमित रह गई है, इतिहास ने उनके साथ न्याय नहीं किया है

विशिष्ट अतिथि ने आगे कहा कि यदि बाबा घासीदास आज होते तब केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के साथ खड़े होते, कार्यक्रम को मंच के कल्याण सिंह ठाकुर ने भी संबोधित किया,

जयंती समारोह में बिरेझर के दल द्वारा पंथी नृत्य प्रस्तुत किया गया, इसके पूर्व पूरे गांव में ध्वज यात्रा निकाली गई और जैत खांब में ध्वज चढ़ाया गया !


जयंती कार्यक्रम का आयोजन जय सतनाम सेवा समिति द्वारा किया गया, कार्यक्रम को सफल बनाने में मंगलूराम बघेल, सूरज प्रकाश जांगड़े, रमेश कोसरे, कुंवरसिंह भारती, जागेश्वर देशलहरे, अंबिका प्रसाद जांगड़े, चिम्मन सोंडरे, भगतराम मारकण्डे, लोकेश्वर बघेल, अमरजीत जांगड़े, मोतीलाल, जयसिंह, हेमंत आदि की भूमिका रही कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र बारले ने किया ।