सुप्रीम कोर्ट : कोरोना का परीक्षण नागरिकों के लिए नि:शुल्क हो, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना का इलाज ही मुफत कर रखा है! गंगा डायग्नोस्टिक सेंटर में आधी कीमत पर जांच

सुप्रीम कोर्ट : कोरोना का परीक्षण नागरिकों के लिए नि:शुल्क हो, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना का इलाज ही मुफत कर रखा है! गंगा डायग्नोस्टिक सेंटर  में आधी कीमत पर जांच

रायपुर. सुप्रीम कोर्ट ने सभी नागरिकों के लिए कोरोना वायरस का परीक्षण ​नि:शुल्क करने का सुझाव केन्द्र सरकार को दिया है. हालांकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इससे एक कदम आगे जाते हुए कोरोना पीड़ित मरीजों का मुफत इलाज करने की घोषणा की थी लेकिन देश के कई निजी अस्पतालों में यह टेस्ट 4500 रूपये में किया जा रहा है जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह सुझाव दिया है. केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि वह इस संबंध में निर्देश लेंगे।

जस्टिस अशोक भूषण और एस रवींद्र भट की पीठ ने सरकार से कोरोनो वायरस परीक्षणों के लिए निजी प्रयोगशालाओं की प्रतिपूर्ति के लिए एक तंत्र की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए कहा ताकि नागरिकों को इसके लिए भुगतान न करना पड़े. “निजी प्रयोगशालाओं को परीक्षणों के लिए उच्च राशि चार्ज करने की अनुमति नहीं है इसलिए सरकार प्रतिपूर्ति (निजी प्रयोगशालाओं की) के लिए एक तंत्र बनाए, न्यायमूर्ति भूषण ने सुझाव दिया.

उम्मीद जताई जा रही है कि केन्द्र सरकार जल्द ही इस पर कोई कदम उठा सकती है. दरअसल जिस तरह कोरोना वायरस के मरीज बढ़ते जा रहे हैं, सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की कमी के चलते इलाज और परीक्षण में देरी हो रही है, जबकि लोग प्राइवेट अस्पतालों में जाने से डरते हैं. अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया है इसलिए प्राइवेट अस्पतालों में भी यह परीक्षण नि:शुल्क् किया जा सकता है.

जानते चलें कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा दिल दिखाते हुए एक महीने पहले ही घोषणा कर दी थी कि सरकार सभी कोरोना मरीजों का खर्चा खुद उठाएगी. इसके बाद जितने भी मरीज आए, उनका परीक्षण और इलाज नि:शुल्क किया गया गया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, भारत में बुधवार दोपहर तक कोरोना के 5194 मामले और 149 मौतें हुई हैं।

गंगा डायग्नोस्टिक सेंटर करता है आधी कीमत पर जांच
राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका में स्थित गंगा डायग्नोस्टिक सेंटर में प्रात: 6 बजे से रात 10 बजे तक प्रतिदिन मरीजों की जाँच की जा रही है. निदेशक सुभाष अग्रवाल ने बताया कि हमारे यहाँ समस्त जांच जैसे एमआरआई, सीटी स्कैन, स्वाइन फ्लू, डेंगू आदि को आधे दामों में किया जा रहा है. लेकिल कोरोना वायरस का पूरा परीक्षण अभी नही किया जा रहा है क्योंकि इसके लिए अत्याधुनिक मशीनों की जरूरत पड़ती है. फिर बीमारी भी अभी—अभी सामने आई है.

उन्होंने बताया कि हम लोगों के पास कोरोना को लेकर जांच करने की मशीन भी उपलब्ध है. इसकी अनुशंसा सरकार ने भी की थी मगर किसी कारणवश किट न मिलने से यह कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई.

घर पहुंच सेवा
गंगा डायग्नोस्टिक में मरीजों की सुविधा को देखकर घर पहुंच सेवा शुरू की गई है जो पिछले 8 वर्षों से जारी है. इसमें लोगों के कॉल के अनुसार उनके घर जाकर ब्लड सेम्पल लेकर उनकी जांच की जाती है.

अपोलो और अन्य डायग्नोस्टिक सेंटर बंद
सूत्रों के मुताबिक लॉकडाउन के चलते, व्यावसायिक नुकसान को देखते हुए अपोलो कंपनी के और अन्य प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर बंद हो गए हैं. ऐसे में मरीज कहां इलाज कराएंगे, इसीलिए हमने घर पहुंच सेवा शुरू की है.