तेंदूपत्ता संग्रहण पर भी मंडरा रहा लॉक डाउन का संकट

 तेंदूपत्ता संग्रहण पर भी मंडरा रहा  लॉक डाउन का संकट


जगदलपुर। बस्तर जिले के वनांचल क्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण से आदिवासी संग्राहकों को तपती गर्मी के दो महीने में काम और पर्याप्त राशि मिल जाती थी।  इस साल तेंदूपत्ता के रेट में 1500 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। पहले 2500 रुपए प्रति मानक बोरा समर्थन मूल्य था। जो अब 4000 रुपए प्रति मानक बोरा हो गया है। संग्राहकों, की खुशी को इस दौरान कोराना का ग्रहण लग चुका है। लॉक डाउन के चलते ग्रामीण न तो घर से बाहर निकल रहे हैं न ही संग्रहण इसके चलते यह काम पूरी तरह से ठप्प है।

 मिली जानकारी के अनुसार  इस साल 25100 मानक बोरा खरीदी का लक्ष्य है। तेदूपत्ता खरीदी का काम 25 अप्रैल से आरंभ किया जाएगा। अप्रैल से मई माह में तेंदूपत्ता संग्रहण काम आरंभ किया जाएगा। यदि इस दौरान भी लॉक डाउन जारी रहेगा, तो तेंदूपत्ता संग्रहण प्रभावित होगा।

जिले में तेंदूपत्ता की खरीदी के लिए टेंडर विगत तीन वर्षों के बाद होने जा रहा है। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वर्ष 2017 से 2019 तक ओपन रेट में तेदूपत्ता की खरीदी गई थी। संग्राहकों को पिछले कुछ सालों से चरण पादुका और बोनस नहीं मिल रहा। इस साल भी बोनस चरण पादुका की उम्मीद नहीं है। माना जा रहा है कि एक साथ 1500 रुपए समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से बोनस नहीं मिलेगा।

 लॉक डाउन  के हटने से ग्रामीण तेंदूपत्ता संग्रहण करने घर से निकलेंगे। इस साल शासन की ओर से मानक बोरा दर वृद्धि करने से संग्राहकों को इसका लाभ मिलेगा।

chandra shekhar