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देश में सबसे अधिक बच्चे मध्यप्रदेश में हुए गुम : ठोस प्रयास की है जरूरत!

 देश में सबसे अधिक बच्चे मध्यप्रदेश में हुए गुम : ठोस प्रयास की है जरूरत!

डॉ. चन्दर सोनाने 

हाल फिलहाल मध्यप्रदेश बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है ! बच्चों के लिए यह प्रदेश देश में सबसे अधिक असुरक्षित राज्य बन गया है ! यह चौंकाने वाली जानकारी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट में हैं ! क्राइम इन इंडिया - 2020 नामक इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्यप्रदेश में 2020 तक  कुल 14,553 नाबालिक बच्चे लापता हो गए । दुखद यह है कि इसमें भी 11,885 लड़कियाँ हैं ! गुम होने वाले लड़के कुल 2,668 हैं। इसमें से भी 8,751 बच्चे केवल वर्ष 2020 में गायब हो गए ! और इसमें से भी 7,230 नाबालिक लड़कियाँ थी! गुम होने वाले कुल लड़के 1,521 हैं । यह संख्या देश में किसी एक राज्य में सबसे अधिक है !  यानी जब कोरोना काल में दुनिया घरों में थी , तब भी इस प्रदेश में बच्चे गुम हो रहे थे !

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने एक और दुखद और चौंकाने वाली जानकारी दी है । वह यह कि देश भर में बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में भी मध्यप्रदेश सबसे आगे है ! गत वर्ष 2020 में इस प्रदेश में बच्चों के खिलाफ हुए अपराधों के 17,008 मामले दर्ज किए गए । यह देश में सबसे अधिक है । इसी  दौरान बच्चों के खिलाफ उत्तर प्रदेश में 15,271 मुकदमे दर्ज हुए । महाराष्ट्र में 14,371 और बंगाल में 10,248 मामले दर्ज किए गए । जबकि ये सभी राज्य मध्यप्रदेश से बड़े हैं ! क्राइम इन इंडिया - 2020 की रिपोर्ट यह भी बताती है कि देश भर में कुल गायब हुए बच्चे 1,08,234 हैं। इसमें भी सर्वाधिक 79,233 लड़कियाँ हैं ! कुल लापता हुए लड़के 28,976 हैं। इसमें से कुल 25 बच्चे ट्रांसजेंडर हैं, जो गुम हो गए हैं।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट यह भी बताती है कि देश में सबसे ज्यादा हत्याएं उत्तर प्रदेश में हो रही हैं। इस राज्य में वर्ष 2020 में कुल 3,779 हत्याएं हुई।  इस राज्य में रोज 10 हत्याएँ हो रही है । इसी प्रकार देश में सबसे अधिक दुष्कर्म राजस्थान में हो रहे हैं। इस राज्य में वर्ष 2020 में कुल 5,310 दुष्कर्म दर्ज किए गए। यहां रोज 14 दुष्कर्म हो रहे हैं। यह तो दर्ज मुकदमों की संख्या हैं जो किसी भी कारण से दर्ज ही नहीं हो पाते हैं, उनकी संख्या अलग है । यह स्थिति अत्यंत दुखद है ! उक्त रिपोर्ट के अनुसार देश में कोरोना काल के पहले साल 2020 में वर्ष 2019 की तुलना में 28 त्न ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं । वर्ष 2020 में 51 लाख प्रकरण दर्ज किए गए जो वर्ष 2019 के मुकाबले 14 लाख अधिक हैं।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट में एक सुखद खबर भी है ! यह रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2020 में मध्यप्रदेश की पुलिस ने देश भर में सबसे अधिक गुम हुए बच्चों को खोज भी निकाला है । उक्त एक साल में ही मध्यप्रदेश में पहले से लापता हुए 9,944 बच्चों को खोज निकाला है । इसमें से सर्वाधिक 8,258 लड़कियाँ हैं । और कुल 1,686 लड़के हैं । यह खबर अत्यंत उत्साहजनक है । इसलिए इस कार्य के लिए मध्यप्रदेश की पुलिस अभिनंदन के सम्मान के योग्य है! यहाँ यह उल्लेखनीय है कि लापता बच्चों को तलाशने की इस सराहनीय मुहिम में मध्यप्रदेश के कुछ जिलों के पुलिस अधीक्षकों की व्यक्तिगत रुचि , सुनियोजित योजना और लगातार प्रयासों का ही सुखद नतीजा है। 

इसलिए मध्यप्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान , जो प्रदेश भर में बच्चों के मामा जी के रूप में ख्याति अर्जित कर चुके हैं , को चाहिए कि वे इस कार्य में विशेष रुचि लेकर ठोस प्रयास करें ! गुम हुए बच्चों को तलाश करने में सफल सिद्ध हो चुके पुलिस अधीक्षकों की योजना को एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रदेश भर में जल्दी से जल्दी लागू कर दें और इस कार्य के लिए प्रदेश के समस्त जिलों में एक विशेष दल गठित किया जाए । उसमें सिर्फ उन्हीं को रखा जावें जिसकी इस पुनीत कार्य में वास्तव में रुचि हो । उस दल को प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षकों की भी तैनाती की जाए। इन प्रशिक्षकों में उन्हें ही रखा जावें जो इस कार्य में सफल सिद्ध हो चुके हों । जैसे उन पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों को रखें , जो भले ही निचले स्तर के अधिकारी हो , किन्तु जिन्होंने सतत प्रयास कर योजना को अमली जामा पहनाया हो और गुम हुए बच्चों को तलाश करने में अपने आप को झोंक दिया हो । फिर देखिए नतीजे ! जरा कल्पना करिए, उन माता- पिता की , जिनके सामने उनका गुम हुआ बच्चा अचानक सामने लाया जाए तो क्या होगा ? ऐसा लगेगा उन्हें जैसे जमानेभर का खजाना हाथ लग गया हो ! है ना ! तो बच्चों के जगत मामा जी को इस पुनीत कार्य के लिए जल्दी से जल्दी कुछ ना कुछ विशेष जरूर करना ही चाहिए ! और हम सब आशा करते हैं कि वे इस दिशा में जरूर कुछ विशेष करेंगे ! जरूर करेंगे !!!