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मोदीजी का राष्ट्र के नाम संदेश अपनी नाकामियों को छुपाना है - राईस किंग खूंटे

मोदीजी का राष्ट्र के नाम संदेश अपनी नाकामियों को छुपाना है - राईस किंग खूंटे

डभरा, 8 जून। गैर भाजपाई राज्य सरकारों को श्रेय न मिले इसलिए वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराया,अब खुद 18 प्लस वालों को मुफ्त में टीकाकरण की घोषणा की,देश में पहली बार ऐसा हुआ कि कोई सरकार महामारी से लड़ने में असफल साबित हुई है यह बात कहते हुए प्रदेश कांग्रेस सचिव अजा विभाग राईस किंग खुंटे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला है।उन्होंने इसे पूरी तरह से केन्द्र की भाजपा सरकार का नाकामी छिपाने वाला बताया।

वे मोदीजी के इस बात से भी सहमत नहीं हैं कि आधुनिक विश्व में इस तरह की महामारी अभी तक आई ही नहीं,जबकि विश्व ने ऐसे कई महामारी देखें हैं जो कोरोना से कम नहीं थे और भारत ने हमेशा इसमें विजय हासिल की है। पहली बार ऐसा हुआ है जब मोदी सरकार की नाकामियों के चलते लाखों की संख्या में देश के लोगों की जानें गई हैं। खूंटे जी ने कहा कि भारत ने 1897 में ही वैक्सीन बनाना शुरू कर दिया था जो कि फ्लेग के लिए बनाई गई थी।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्र के नाम संदेश में 21 जून से 18 से 44 वर्ष तक की उम्र वाले लोगों के लिए मुफ्त टीकाकरण की घोषणा इस बात का संकेत है कि वे अभी तक जान बुझकर राज्य सरकारों को इस उम्र के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराने से रोक रहे थे। उन्हें डर था कि राज्य सरकारें अपने संसाधनों से इस वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगाकर अपना नाम कमा लेंगे,तो उनकी तथा भाजपा की देश भर में और भी ग्राफ गिर जाएगी,मोदीजी अपने पूरे संदेश में एक ही बात बोलते देखे गए कि यह महामारी बहुत ही भयावह थी जिसमें चिकित्सीय संसाधनों की ज्यादा जरूरत महसूस हुई। राईस किंग ने कहा कि मोदीजी का यह कहना एक तरह से स्पष्ट है कि वे इस चुनौती का सामना कर पाने में असफल रहे और इस असफलता के लिए देश मोदी को कभी माफ नहीं करेगा।

खूंटे  ने बात जारी रखते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को इतिहास के पन्ने पलट कर देखने की जरूरत है,यह पहली बार नहीं है जब भारत में कोरोना के लिए देश में ही वैक्सीन बनाया गया है,1897 में ही भारत ने देश में ही वैक्सीन तैयार कर विश्व में अपना नाम दर्ज कर लिया था। इसके बाद 20वीं सदी के शुरूआती वर्षों तक 04 और वैक्सीन का निर्माण भारत में हो चुका था। जिसके चलते भारत ने चेचक और पोलियो पर सफलता हासिल की है। निश्चित रूप से संसाधन बढ़ने के साथ आज कोरोना के लिए जिस तादात में वैक्सीन का निर्माण हो रहा है,यह स्वभाविक है।आज भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब केन्द्र में भाजपा की सरकार रहते किसी महामारी से लड़ने में असफल हुईं है।

कुल मिलाकर कांग्रेसियों द्वारा जनहित में मुफ़्त वैक्सीन की मांग को लेकर लगातार धरना प्रदर्शन करना तथा मा. सर्वोच्च न्यायालय के फटकार के बाद मोदी सरकार को झुकना पड़ा और मुफ़्त टीकाकरण की घोषणा की गई।