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सीडीएस रावत का माउंट आबू से था गहरा लगाव

सीडीएस रावत का माउंट आबू से था गहरा लगाव

माउंट आबू।  सीडीएस बिपिन रावत के बुधवार को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन का समाचार मिलते ही पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में भारी शोक की लहर दौड़ गई।

देश के आर्मी, एयरफोर्सव नेवी तीनों की सेनाओं के प्रमुख जरनल रावत का माउंट आबू से गहरा लगाव था। उनके पिता लेफ्टिनेंट जरनल एल.एस. रावत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के एक नियमित योगाभ्यासी थे। जिस वजह से ब्रह्माकुमारी संस्थान से उनका बचपन से ही जुड़ाव था।

अंतिम बार गत 30 दिसम्बर 2018 को थल सेना अध्यक्ष के रूप में रावत अपनी पत्नी श्रीमती मधुलिका रावत के साथ माउंट आबू आए थे। इस दौरान संगठन के अंतराष्ट्रीय मुख्यालय पांडव भवन परिसर में उनका संस्था के पदाधिकारियों की ओर से स्वागत किया गया था।

इस अवसर पर जरनल रावत ने सपरिवार ब्रह्माबाबा के समाधिस्थल शांतिस्तंभ पर श्रद्धासुमन अर्पित कर देश के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की थी। उन्होंने ध्यान-योग कक्ष मेें राजयोग का अभ्यास कर शांति की अनुभूति की थी। तपस्यास्थली कुटिया, बाबा का ध्यानकक्ष, हिस्ट्री हॉल आदि का भी अवलोकन किया था।

बाबा की समाधि शांति सतंभ पर मानवीय कल्याण को अंकित महावाक्यों का अध्ययन कर ध्यानयोग का अभ्यास किया था। मानवीय मूल्यों को लेकर संगठन की ओर से की जा रही सेवाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की। इससे पूर्व उन्होंने ग्लोबल अस्पताल का अवलोकन किया था।

सीडीएस रावत के आज दुर्घटना में हुए निधन की आत्मिक शांति को ब्रह्माकुमारी संगठन की ओर से मेडिटेशन किया गया। सीडीएस रावत व दुर्घटना में दुःखद निधन का समाचार मिलते ही पांडव भवन व ज्ञान सरोवर में दिवंगतों की आत्मिक शांति को लेकर संगठन के श्रद्धालूओं की ओर से सामुहिक रूप से मेडिटेशन किया गया। श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।